📅 Published on: July 30, 2026
विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस पर विशेष: ‘Trapped Behind the Scam’ थीम के तहत भारत-नेपाल सीमा पर जनजागरण का शंखनाद*
*ककरहवा में छात्रों और SSB ने निकाली विशाल रैली, बढ़नी समेत पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने का आह्वान*
गुरु जी की कलम से
*सिद्धार्थनगर।*
हर वर्ष 30 जुलाई को मनाया जाने वाला *विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस* केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को उस भयावह सच्चाई से रूबरू कराने का अवसर है, जो आज भी लाखों जिंदगियों—विशेषकर महिलाओं और बच्चों—को अंधकार में धकेल रही है। मानव तस्करी modern युग की सबसे अमानवीय आपराधिक गतिविधियों में से एक है, जिसमें इंसान को झूठे सपनों के जाल में फंसाकर एक वस्तु की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
इस वर्ष की थीम **”Trapped Behind the Scam (धोखाधड़ी के जाल में फंसी ज़िंदगी)”** आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है। आज तस्कर साइबर ठगी, सोशल मीडिया, फर्जी नौकरी के विज्ञापनों और नकली प्लेसमेंट एजेंसियों को हथियार बना रहे हैं। यह थीम संदेश देती है कि हर चमकता अवसर सुरक्षित नहीं होता।
**बढ़नी और ककरहवा जैसे सीमावर्ती क्षेत्र तस्करों के रडार पर** उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर जिला और विशेषकर बढ़नी तथा ककरहवा जैसे भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र इस चुनौती का सबसे ज्यादा सामना करते हैं।**
*बढ़नी भारत-नेपाल सीमा का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक और आवागमन केंद्र है। यहाँ की खुली सीमा जहाँ व्यापार और पारिवारिक संबंधों के लिए जीवनरेखा है, वहीं तस्करों द्वारा इसका दुरुपयोग करने की आशंका हमेशा बनी रहती है। बढ़नी जैसे संवेदनशील सीमावर्ती कस्बों में साइबर ठगी, विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और मानव तस्करी के खतरे बाकी इलाकों से कहीं अधिक हैं। यही कारण है कि बढ़नी बॉर्डर पर SSB, स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 24 घंटे पैनी नजर रखी जाती है।**
*ककरहवा में गूंजा संदेश: ‘मानव तस्करी बंद करो, बच्चों का भविष्य सुरक्षित करो’**
इसी कड़ी में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा स्थित ककरहवा क्षेत्र में मानव सेवा संस्थान (गोरखपुर) और राजकीय इंटर कॉलेज (ककरहवा) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई।
रैली राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से शुरू होकर सीमावर्ती मार्गों और ककरहवा बाजार से गुजरी। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्र-छात्राओं ने पूरे सीमांत क्षेत्र में चेतना जगाई:
* *”मानव तस्करी बंद करो, बच्चों का भविष्य सुरक्षित करो”*
* *”जागरूक बनें, मानव तस्करी रोकें”*
* *”सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत”*
**आमजन की सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच: SSB**
रैली के समापन पर आयोजित सभा में **सशस्त्र सीमा बल (SSB) 43वीं वाहिनी** के ककरहवां इंचार्ज, असिस्टेंट कमांडेंट **नीलेश मासुले** ने कहा कि मानव तस्करी केवल सरकारी एजेंसियों के भरोसे नहीं रोकी जा सकती। बढ़नी और ककरहवा जैसे सीमावर्ती इलाकों में आम नागरिकों की सजगता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान लोगों का जमावड़ा दिखे तो तुरंत पुलिस या SSB को सूचित करें।
कार्यक्रम में मानव सेवा संस्थान की कार्यकर्ता **आलिया गुप्ता (FAC)**, **अखिलेश कुमार (CH)** और मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के ब्लॉक कॉर्डिनेटर **राम शंकर** ने छात्रों को ऑनलाइन स्कैम और प्लेसमेंट फ्रॉड से बचने के उपाय बताए। विद्यालय के प्रधानाचार्य **अजय कुमार श्रीवास्तव** ने विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर शिक्षक राकेश चन्द्र यादव, रामानुज चौहान, बीनू यादव, हीरालाल वर्मा, आरती गुप्ता, गणमान्य नागरिक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
**कानून ही नहीं, संवेदनशील समाज की भी जरूरत: परमात्मा प्रसाद उपाध्याय**
वरिष्ठ विचार-लेखक **परमात्मा प्रसाद उपाध्याय** के अनुसार, मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने की नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाज बनाने की है।
*पीड़ित को मिले सम्मान:* गांधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विजय कुमार वर्मा ने कहा तस्करी का शिकार व्यक्ति अपराधी नहीं, परिस्थितियों का पीड़ित होता है। उसे सामाजिक सम्मान, कानूनी सहायता और पुनर्वास मिलना चाहिए।
* **परिवार रखें ध्यान:** माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान दें और किसी अनजान व्यक्ति के लुभावने वादों में न आएं।
*सामूहिक संकल्प:* विद्यालयों, ग्राम सभाओं और सीमावर्ती बाजारों (जैसे बढ़नी व ककरहवा) में नियमित संवाद ही इस अपराध को जड़ से मिटा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और नागरिकों ने ‘मानव तस्करी मुक्त समाज’ के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।