सिद्धार्थनगर। विकास खंड खेसरहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत फरीदाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता और पक्षपात का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के बिशुनपुरवा निवासी उपेंद्र चतुर्वेदी (पुत्र शुकदेव प्रसाद चतुर्वेदी) का आरोप है कि ग्राम पंचायत भवन निर्माण और आवास योजना में व्याप्त कमियों की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराने के बाद, बदले की भावना से काम करते हुए उन्हें योजना की पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया।
शिकायत दर्ज कराने के बाद रंजिश का आरोप पीड़ित उपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने पूर्व में ग्राम पंचायत फरीदाबाद में हुए विकास कार्यों और पंचायत भवन के निर्माण में धांधली को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी। इसी से क्षुब्ध होकर ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) विशाल सोनकर और ग्राम प्रधान द्वारा उनके खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर रिपोर्ट तैयार की गई और उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
फर्जी जांच और एकतरफा रिपोर्ट का दावा उपेंद्र चतुर्वेदी का कहना है कि उन्होंने खंड विकास अधिकारी खेसरहा से किसी अन्य निष्पक्ष टीम या ब्लॉक कर्मचारियों से निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया था। लेकिन जांच का जिम्मा उसी सचिव को दे दिया गया जिस पर शिकायत का आरोप था। पीड़ित के अनुसार, बिना सही जमीनी सच्चाई की जांच किए और शिकायतकर्ता से संपर्क साधने के बजाय, एकतरफा और भ्रामक रिपोर्ट लगाकर उन्हें पक्का मकान होने का हवाला देते हुए अपात्र दर्शा दिया गया।
जिला स्तर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग पीड़ित ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सिद्धार्थनगर और जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत फरीदाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई पूरी हेराफेरी की स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसके साथ ही, बदले की भावना से गलत आख्या प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए ताकि पात्र लाभार्थियों को उनका हक मिल सके।