सिद्धार्थनगर में शिक्षा महकमे का बड़ा घोटाला! 4 की जगह 39 फर्जी शिक्षकों को बंटता रहा वेतन, बर्खास्त प्रिंसिपल डकार रहे पेंशन—मौन बैठे जिम्मेदार!
📅 Published on: September 28, 2026
Kapilvastupost
एंकर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से शिक्षा महकमे को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रामजानकी इंटर कॉलेज, कुंनगाई गिरधरपुर में सरकारी खजाने में खुलेआम डकैती डालने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता शिक्षक साजिद अली और अन्य लोगों का आरोप है कि इस विद्यालय में स्वीकृत पदों की धज्जियां उड़ाते हुए फर्जी तरीके से दर्जनों लोगों की अवैध नियुक्तियां कराई गईं और सालों से उन्हें सरकारी खजाने से वेतन और भत्ते बांटे जा रहे हैं।
हद तो तब हो गई जब कोर्ट द्वारा सेवा समाप्त किए जा चुके पूर्व प्रिंसिपल को भी साठगांठ कर पेंशन तक दिलवाई जा रही है। इस पूरे खेल में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि शिकायतों के बावजूद मामले पर लीपापोती की जा रही है।
न्यूज रिपोर्ट / वीओ (Voice Over):
वीओ 1: सिद्धार्थनगर का ‘श्री रामजानकी इंटर कॉलेज गिरधरपुर कुंगाई’ इन दिनों शिक्षा के मंदिर की जगह भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। शिकायतकर्ता शिक्षक साजिद अली ने साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर महकमे में मचे इस महा-घोटाले का भंडाफोड़ किया है। आरोप के मुताबिक, विद्यालय में स्वीकृत पदों के विपरीत लगभग 30 से 39 लोगों की अवैध और कूटरचित (फर्जी) तरीके से नियुक्ति/अनुमोदन कराकर राजकोष को चूना लगाया जा रहा है।
वीओ 2: भ्रष्टाचार का यह खेल यहीं खत्म नहीं होता। याचिका संख्या 727/83 और मुंसिफ न्यायालय के वाद संख्या 19/83 के तहत जिन पूर्व कार्यवाहक/कथित प्रधानाचार्य धर्मराज चौधरी की सेवा गबन व भ्रष्टाचार के आरोपों में कमेटी, विभाग और उच्च न्यायालय द्वारा समाप्त कर दी गई थी, उन्हें बिना किसी अग्रिम आदेश के न सिर्फ पद पर बनाए रखा गया, बल्कि चोरी-छिपे वेतन देकर अब पेंशन भी दिलाई जा रही है।
वीओ 3: सबसे बड़ा सवाल जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय की नीयत पर उठ रहा है। शिकायतकर्ताओं का सीधा आरोप है कि आईजीआरएस (IGRS) पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद DIOS सिद्धार्थनगर द्वारा झूठी, निराधार और कूटरचित आख्या (रिपोर्ट) बनाकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जाता रहा और मामले को दबाया जाता रहा। आखिर किसके शह पर सरकारी खजाने से यह बंदरबांट हो रही है? क्या अधिकारियों की संलिप्तता के बिना यह फर्जीवाड़ा संभव था?
बाइट बाइट्स:
बाइट 1: साजिद अली (शिकायतकर्ता / शिक्षक)
“हम लोगों ने साक्ष्यों के साथ कई बार IGRS और उच्च अधिकारियों से शिकायत की… 4 पदों की जगह 39 फर्जी लोगों को रखकर सरकारी पैसा लुटाया जा रहा है। बर्खास्त प्रधानाचार्य को पेंशन दी जा रही है। DIOS महोदय भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए झूठी आख्या भेजकर गुमराह कर रहे हैं। हमारी मांग है कि जिलाधिकारी दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाकर साक्ष्यों की जांच करें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें।”
बाइट 2: अरुण कुमार (जिला विद्यालय निरीक्षक – DIOS, सिद्धार्थनगर)
“एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”


