नेपाल-भारत सीमा पर वाहनों का आवागमन होगा आसान! सांसद थापा ने उठाई पैठारी नियम सरल करने और जुर्माना घटाने की मांग

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर / काठमांडू: नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने धार्मिक, सांस्कृतिक और रोटी-बेटी के संबंधों को और मजबूती देने तथा सीमापार आवागमन को सुगम बनाने के लिए संसद में आवाज बुलंद की गई है। कपिलवस्तु क्षेत्र नंबर-2 के सांसद विक्रम सिंह थापा ने संसद के शून्य समय के दौरान सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए भारत से नेपाल आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के लिए वाहनों की अस्थायी पैठारी (भंसार/कस्टम परमिट) व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने की पुरजोर मांग की।

जुर्माने की राशि पर पुनर्समीक्षा की मांग सांसद थापा ने कहा कि रिश्तेदारों से मिलने और पर्यटन के सिलसिले में भारतीय सीमा से नेपाल प्रवेश करने वाले लोगों को वर्तमान नियमों के कारण अनावश्यक आर्थिक तंगी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से, निर्धारित अस्थायी पैठारी अवधि समाप्त होने पर लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि काफी अधिक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि:

  • चारपहिया वाहनों पर लगने वाले ₹2,500 प्रति दिन के जुर्माने की पुनर्समीक्षा की जाए।

  • दोपहिया वाहनों पर लागू ₹1,200 प्रति दिन के जुर्माने की दर को तत्काल घटाया जाए।

रोटी-बेटी के संबंध और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सांसद विक्रम सिंह थापा ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के बीच प्रगाढ़ पारिवारिक संबंध हैं और पर्यटन गतिविधियां दोनों देशों के आपसी रिश्तों की रीढ़ हैं। ऐसे में कड़े नियमों और भारी जुर्माने के कारण आम जनता और पर्यटकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नियमों को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जाए ताकि सीमापार आवागमन बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से संचालित हो सके।