नेपाल में बारिश से सिद्धार्थनगर में बढ़ा बाढ़ का खतरा: राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियां उफान पर, कई गांवों में घुसा पानी
📅 Published on: September 30, 2026
विकास खंड बढ़नी अंतर्गत आधा दर्जन के करीब परिषदीय प्राइमरी विद्यालयों में भरा पानी
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। नेपाल की पहाड़ियों पर हुई मूसलाधार बारिश के बाद जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक तेजी आ गई है। बूढ़ी राप्ती और तेलार नदियां खतरे (लाल निशान) के निशान को पार कर बह रही हैं, जबकि राप्ती नदी भी लाल निशान से महज 30 सेमी नीचे है और लगातार बढ़ रही है। नदियों के उफान से तटीय इलाकों के दर्जनों गांवों में बाढ़ की दहशत का माहौल है।
आधा दर्जन स्कूलों और खेतों में घुसा पानी, आवागमन ठप
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के वीरपुर एहतमाली, तेनुई, चंदनजोत, नेहतुआ, सोनखरडीह, मछिया मुस्तहकम, नेबुआ, धनोहरी और पिकौरा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी घुसने की नौबत आ गई है। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन परिषदीय विद्यालयों में पानी भर जाने से पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है। कंपोजिट विद्यालय वीरपुर एहतमाली परिसर में लगभग दो फीट तक पानी भर गया है।
इसके अलावा, बिथरिया-मन्नीजोत, पेंडरियाजीत-वीरपुर और मधवापुर-कटकी मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। सौ बीघा से अधिक धान की फसल जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों में भारी चिंता है।
राहत की खबर: सोतवा और बानगंगा का जलस्तर घटा
सोमवार को शोहरतगढ़ क्षेत्र में तबाही मचाने वाले पहाड़ी नाले सोतवा का जलस्तर मंगलवार को कम हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बानगंगा नदी के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि जमुआर नदी का जलस्तर बढ़ तो रहा है लेकिन यह फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है।
डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को डुमरियागंज तहसील के तेनुआर (कठौतिया) और बड़हरा गांवों का धरातलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
तत्काल राहत: बाढ़ प्रभावित मजरों में तुरंत लंच पैकेट वितरित किए जाएं।
फसल क्षति सर्वे: एसडीएम बारिश और बाढ़ से खराब हुई फसलों का त्वरित सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करें।
स्वास्थ्य सेवाएं: मेडिकल टीमें गांवों में जाकर बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को चिह्नित कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएं।
बंधों की निगरानी: सिंचाई विभाग के अधिकारी तटबंधों पर 24 घंटे सतर्क निगरानी रखें।


