बाढ़ से बेहाल शोहरतगढ़: ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे विधायक विनय वर्मा, लापरवाही बरतने वाले लेखपालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत

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सिद्धार्थनगर:

सिद्धार्थनगर जिले में राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बने रहने के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल हो गई है। जिले के लगभग 25 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें से 5 गांव पूरी तरह मैरून (पानी से घिरे) हो चुके हैं। संपर्क मार्गों पर 3-3 फीट पानी बह रहा है। इस संकट की घड़ी में शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा ने ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का तूफानी दौरा किया।

ट्रैक्टर से पहुंचे विधायक, बाढ़ पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

विधायक विनय वर्मा ने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव तौलिहवा, इटाहिया, बालानगर, लालपुर कचरिहवा, फुलवरिया और प्रतापपुर का दौरा किया। जलजमाव के कारण सामान्य वाहनों की आवाजाही ठप होने से वे स्वयं ट्रैक्टर चलाकर ग्रामीणों के बीच पहुंचे।

दौरे के दौरान बाढ़ पीड़ितों ने विधायक के सामने अपना दर्द बयां किया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से समय पर समुचित सहायता नहीं मिल रही है। आवागमन के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था न होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी से गुजरना पड़ रहा है।

लापरवाह लेखपालों पर गिरेगी गाज, जिलाधिकारी से करेंगे शिकायत

बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक विनय वर्मा ने कहा कि बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट जरूर आई है, लेकिन गांवों में दिक्कतें अभी भी बनी हुई हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार और उनके स्तर से राहत सामग्री पहुंचाने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। जहां भी प्रशासनिक सुस्ती या कमियां दिखाई दे रही हैं, उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कुछ क्षेत्रों में लेखपालों की लापरवाही और ढिलाई की शिकायतें ग्रामीणों से मिली हैं। ऐसे जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मैं खुद जिलाधिकारी से वार्ता करूंगा। संकट की इस घड़ी में जनता की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”