नाबालिग बालिका की बरामदगी व निष्पक्ष जांच की मांग: AIMIM ने सिद्धार्थनगर डीएम को सौंपा ज्ञापन
📅 Published on: October 5, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के जिलाध्यक्ष निशात अली के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक नाबालिग बालिका के कथित अपहरण, धर्मांतरण प्रयास और विवाह पंजीकरण आवेदन मामले में जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध निष्पक्ष जांच कराने, पीड़िता की सुरक्षित बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की मांग की है।
बहला-फुसलाकर ले जाने और फर्जी विवाह पंजीकरण का आरोप
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि थाना कठेला समय माता क्षेत्र के ग्राम औरहवा निवासी एक 17 वर्षीय बालिका को 29 जुलाई 2026 की सुबह करीब 8 बजे गांव के ही अनिल कुमार गौड़ और उसके परिजनों द्वारा कथित रूप से बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बालिका का धर्म परिवर्तन कराकर अपर जिलाधिकारी/विशेष विवाह अधिकारी, सिद्धार्थनगर के समक्ष विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। AIMIM ने मांग की है कि बालिका की वास्तविक उम्र का निर्धारण विद्यालयी अभिलेखों, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर तत्काल कराया जाए।
प्राथमिकी दर्ज करने में देरी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पीड़िता की मां ने पुत्री की बरामदगी के लिए थाना कठेला समय माता, क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई थी, लेकिन लगभग एक महीने की देरी के बाद मु0अ0सं0 90/2026 दर्ज किया गया। पार्टी ने प्राथमिकी दर्ज करने में हुई इस देरी और अब तक की पुलिस विवेचना की उच्चस्तरीय समीक्षा करने की मांग उठाई है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार मोबाइल फोन और अन्य माध्यमों से जान-माल की धमकियां दी जा रही हैं। AIMIM ने प्रशासन से मांग की है कि:
पीड़ित परिवार को तत्काल पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सऐप संदेश, ऑडियो-वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
कथित विवाह पंजीकरण आवेदन और धर्मांतरण से जुड़े तथ्यों की निष्पक्षता से जांच की जाए।


