मौके पर पुलिस कार्यवाही करती तो बच सकती थी शिक्षक की जान
📅 Published on: January 11, 2023
अभिषेक शुक्ला
शोहरतगढ़। थाना क्षेत्र के नीबी दोहनी में सोमवार को एक शिक्षा कर्मी की कमरे में रहस्यमय स्थिति में मौत हो गई थी। सोमवार रात्रि में लखनऊ से मृतक की पत्नी के पहुँचने के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को कमरे से निकालकर कब्जे में लिया। लिखा पढ़ी करने के बाद पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शिवपति पीजी कालेज शोहरतगढ़ के कर्मचारी आनन्द राज सिंह(37) के परिचित युवक की शनिवार को बाइक खराब हो गई थी। युवक उनकी स्कूटी लेकर और अपना बाइक वहीं रख कर अपने काम से चला गया। सोमवार को उनकी स्कूटी देने आया तो देखा कि फाटक बंद है और टीवी चल रही है। वह उन्हें आवाज देकर बुलाने लगा। जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तब वह खिड़की से झांक कर देखा तो दंग रह गया। वह बेड पर पड़े थे। बेड से पैर जमीन पर था। और शरीर बेड पर था। युवक ने इसकी जानकारी आसपास के लोगो दी। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर उन्हें जगाने व उठाने का प्रयास किया। कई घण्टो की मशक्कत के बाद जब सफलता नही मिली तो लोगो ने कहा कि इनकी मृत्यु हो गई है। पुलिस ने उनके परिजनों की खोज करने लगीं। तो पता चला उनकी पत्नी तीन चार दिनों से लखनऊ में है। पुलिस ने दूरभाष पर उनकी पत्नी शालनी सिंह से इस संबंध में बात की।तो पत्नी ने कहा कि मैं लखनऊ से चल चुकी हूं। मेरे आने तक कमरे का फाटक नहीं खुलना चाहिए। पुलिस में उनकी पत्नी को समझने का प्रयास किया, लेकिन पत्नी ने कहा कि जबतक मै नही आ जाऊंगी तबतक कोई भी दरवाजे को नही तोड़ेगा। जो भी कार्रवाई होगी मेरे पहुँचने के बाद ही किया जाएगा। पुलिस ने तबतक के लिए पुलिस जवानों की तैनाती कर दी। सोमवार इंटरसिटी एक्सप्रेस से पत्नी शालनी सिंह जब घर पहुची। तब पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों की मद्दत से दरवाजे को तोडकर शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया। इस संबंध में थाना प्रभारी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि शव पूरी तरह से ठंडा था। देखने से लग रहा था कि इनकी मौत 24 घण्टे पहले ही हो चुकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएंगी।


