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मनरेगा कार्य बंद होने से मजदूरो के समक्ष भुखमरी की नौबत खड़ी हो गई है
जाकिर खान / निजाम अंसारी
सिद्धार्थनगर । ग्राम पंचायतों में पक्के कार्य हेतु कार्ययोजना की स्वीकृति न होने से गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे है ।
मनरेगा का कार्य बंद होने से ग्रामीण मजदूरो के समक्ष भुखमरी की नौबत खड़ी हो गई है। जिसमे सबसे ज्यादा फ़जीहत हम प्रधानों की होती है । जबकी सरकार के कर्मचारियों की शिथिलता से सरकार की मंशा धूमिल हो रही है ।
उक्त बातें अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रमणि यादव एवं पवन मिश्रा ने सोमवार को प्रधानों की समस्याओं को लेकर ब्लाक सभागार में अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने अध्यक्ष राम नरेश यादव की अध्यक्षता में बैठक/एक दिवसीय धरना आयोजित के दौरान बैठक को सयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा ।
आगे उन्होंने कहा कि मनरेगा , पक्के कार्य कार्ययोजना की स्वीकृति, गनेरा ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक के कार्यवाही की रिपोर्ट , डीसी मनरेगा को भेजने एवं प्रधानों से वार्ता करने के बाद ही तकनीकी सहायको को हटाने के मुद्दे पर सभी प्रधान एकमत हुए ।
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खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय
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। खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय ने प्रधानों की हर समस्या का समाधान का आश्वासन दिया । मनरेगा के पक्के कार्य की दो-दो कार्य योजना की स्वीकृति देने की बात कहीं ।
बैठक एवं धरने में राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ताकिब रिजबी, जिलाध्यक्ष पवन मिश्र, चंद्रजीत जायसवाल, राज नारायण यादव, मुनीराम वरुण, व्यास पांडेय, बुद्धिसागर चौरसिया, बृजलाल, राजेन्द्र यादव, बीर बहादुर यादव, सहज राम, महेंद्र यादव, चंद्रिका प्रसाद, पारस, नसीम अहमद , विजय सहित
आदि प्रधानगण मौजूद रहे।
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