📅 Published on: November 22, 2023
हिन्दू से मुस्लमान बने परिवार की दिलचस्प कहानी
kapilvastupost
siddharthanagar । डुमरियागंज ब्लॉक के चकमझारी ग्राम पंचायत के चुनाव में निर्वाचित हुए प्रधान शहाबुद्दीन का चुनाव एसडीएम प्रवेंद्र कुमार ने निरस्त कर दिया है। साथ प्रधान का पद रिक्त होने की घोषणा कर दी है। उन्होंने पिछड़े वर्ग के आरक्षित प्रधान पद पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़कर जीत हासिल करने के आरोप के दाखिल वाद की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है।
वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चकमझारी ग्राम पंचायत पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित थी । जिसमें गांव के शहाबुद्दीन पुत्र दीन मोहम्मद ने जीत हासिल की थी और ग्राम प्रधान बने थे। चुनाव बाद इसी गांव के श्याम सुंदर पुत्र पूजन ने विरोध करते हुए इस आशय का परिवाद दायर किया था कि शहाबुद्दीन ने फर्जी तरीके से पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर चुनाव लड़ा है।
जिस पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय कमेटी ने जाति प्रमाणपत्र की जांच की थी। जिसमें यह पाया गया था कि शहाबुद्दीन के पिता दीन मोहम्मद पहले ब्राह्मण जाति के रामदत्त उपाध्याय थे, जिन्होंने गांव की पिछड़ी जाति की महिला से विवाह कर लिया था। इसी को आधार मानकर शहाबुद्दीन ने स्वयं को मुस्लिम जोगी मानते हुए पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर चुनाव लड़ा था।
एसडीएम ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि नीता सिंह बनाम सुनीता सिंह मामले में कोर्ट का आदेश था कि धर्म आस्था की विषय वस्तु है। यह बदला जा सकता है, लेकिन जाति नहीं बदली जा सकती।
जिलाधिकारी और आयुक्त बस्ती ने भी शहाबुद्दीन की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था। उपजिलाधिकारी डुमरियागंज प्रवेंद्र कुमार ने आदेश दिया कि उक्त तथ्यों व साक्ष्यों को दृष्टि गत ग्राम पंचायत चकमझारी में हुए प्रधान पद के चुनाव को शून्य घोषित करते हुए प्रधान पद रिक्त किया जाता है।