📅 Published on: March 10, 2024
Kapilvastupost
प्रदेश की योगी सरकार जहा भूमि माफियाओं पर अपने कड़े तेवर रखती है वही जनपद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे बुद्ध की धरती से जाने जाना वाले इस जनपद में बुद्ध के ही अनुयायियों के साथ फर्जीवाड़ा किया जा रहा है ।
मामला जनपद मुख्यालय के स्टेशन रोड स्थित वर्मी बुद्ध विहार का है । जहाँ पर इस बुद्ध विहार को भूमाफिया बेचने में लगे हुए हैं इस सम्बन्ध में भिक्खु प्रभारी वर्मी बुद्ध विहार ने जिलाधिकारी सिद्दार्थनगर को एक पत्र सौप न्याय की गुहार लगाई है ।
बाद में मीडिया से बात करते हुए प्रभारी भिक्खु आलार कालाम ने बताया कि यह स्थल प्राचीन बौद्ध मठ है जो वर्मा देश के भिक्खु डा0 यू0 एन0 बनथा ने स्थापित किया था । जिन्हें हिंदी भाषा का ज्ञान नही था ।
सम्बंधित नकल के अनुसार चकबंदी अधिकारी नौगढ़ के पत्र के अनुसार उनका नाम खारिज कर संत कुमार पुत्र भोनू ग्राम बंजरहा व राम नरेश पुत्र भदई रामगढ़ भैरहवा के रूप में अंकित कर दिया है ।
जिलाधिकारी से पत्र लिखकर ये निवेदन किया है कि प्राचीन वर्मी बुद्ध विहार के फर्जी मालिको के नाम से खारिज करवाते हुए इस मठ के अस्तित्व की रक्षा करने की कृपा करें ।
वही इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है मामले मे जांच के लिए उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है मामलें मे दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
बताते चलें (रेलवे स्टेशन के सामने) प्राचीन बौद्ध मठ बर्मी बुद्ध विहार लगभग 3 एकड़ भूमि के प्रांगण में फैला हुआ है। यह बुद्ध विहार बर्मा देश के भिक्खु डॉ० यू.एन.बन्था द्वारा स्थापित किया गया था।
भिक्खु यू.एन.बन्था की मृत्यु के पश्चात वर्मी बुद्ध विहार एवं उसकी जमीन पर स्थानीय भू-माफियाओं की गंदी नजर पड़ गई जो बनावटी जाली दस्तावेजों के द्वारा वर्मी बुद्ध विहार की बेशकीमती जमीन पर जबरन अवैध कब्जा करने व बेचने पर अमादा हो गए और बर्मी बुद्ध विहार पर बौद्ध भिक्खुओ को पूजा-वंदना करने एवं ठहरने से रोकनें लगे।
जमीन पर नजर रखने वाले और उसके सहयोगियों की गैर कानूनी कार्यवाही के विरुद्ध भिक्खु आलार कालाम प्रभारी- भिक्खु बर्मी बुद्ध विहार सिद्धार्थ नगर ने उपजिलाधिकारी सिद्धार्थनगर में आपत्ति- पत्र दिनांक 30- 11- 2023 को दाखिल कर दिया तो 11 जनवरी 2024 को कुछ लोगों ने अपने सहयोगी गुंडो के साथ मिलकर भिक्खु आलार कालाम पर जानलेवा हमला कर दिया था।
सीधे साधे बौद्ध जमीन पर कब्जा करने वालों के पहुंच और संदेहपूर्ण दस्तावेजों में फंसकर रह गए हैं।
बाईट -1 भिक्खु आलार कालाम, प्रभारी वर्मी बुद्ध विहार
बाईट 2 – – – जिलाधिकारी पवन अग्रवाल