सिद्धार्थनगर – मान्यता 5 तक पढ़ाई 15 तक मानक विहीन विद्यालयों में बच्चों का एडमिसन करवाने को मजबूर अभिभावक विभाग के मेहरबानी से फलफूल रहे स्कूल

विद्यालय के मान्यता है या नहीं अभिभावक को सही जानकारी नहीं

Kapilvastupost

नवीन शिक्षा सत्र 2024-25 में धड़ल्ले से चल रहे फर्जी स्कूलों को आला अधिकारी अभयदान दे रहे हैं। सवाल यह है कि जब अप्रैल में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला फर्जी स्कूलों में करा देंगे, तो बाद में उनका भविष्य क्या होगा।

ऐसे में बेलगाम स्कूल संचालक बेखौफ होकर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड कर अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। भले ही नीति आयोग जिले की बुनियादी शिक्षा में सुधार के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं।

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक बिना मान्यता के शिक्षा की दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। अधिकारी जांच के नाम पर सिर्फ फर्ज अदायगी कर लौट आते हैं।

वहां मान्यता के कागज के अलावा भवन के मानक व शिक्षकों के योग्यता की जांच करना मुनासिब नहीं समझते। खास बात यह है कि एनसीईआरटी की किताबें संचालित करने का फरमान पूरी तरह छलावा साबित हो रहा है।

50 प्रतिशत कमीशन की चाह में अधिकांश विद्यालय संचालन निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चला रहे हैं। अभिभावक अपने पाल्यों के भविष्य के लिए महंगी किताब के बोझ तले दबने को मजबूर हैं। शोहरतगढ़ विधान सभा क्षेत्र के पल्टादेवी, चिल्हिया, चोडार, बभनी , तुलसियापुर ,कठेला , बगहवां, में ना जाने ऐसे कितने और चैराहों पर संचालित पब्लिक स्कूल बिना मान्यता के ही चल रहे है।

इस विद्यालय से कुछ ही दूरी पर सरकारी स्कूल है, लेकिन ग्रामीण नजदीक में ही कान्वेंट स्कूल पाकर गुमराह हो रहे हैं। वजह विद्यालय संचालक पैम्फलेट में प्ले ग्रुप से हाईस्कूल तक इंग्लिश व हिदी दोनों माध्यम से कक्षाएं संचालित करने का दावा कर रहें है।

इसी वजह से अभिभावकों को भ्रमित कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में उन बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों में चिंता का विषय बन गया है।