सिद्धार्थ नगर –  जिम्मेदार खा गए 500 मीटर पक्की सड़क और पटरी

Nizam Ansari 

प्रदेश की योगी सरकार पहले ही कार्यकाल से सख्त तेवर के साथ फुल एक्शन में रही जिससे यह लगा कि प्रदेश में भ्रष्टाचारियों की खैर नही जो योगी माडल के रूप में एक ब्रांड बन गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हुई लेकिन रगो में खून की तरह सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार अपनी जगह से डिगा तक नही बल्कि सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता जा रहा है जो अक्सर सुर्खियां बटोरते हैं।

-वीओ-
यह देखिए यह जनपद का एक सम्पर्क मार्ग है जो लोटन सोंहास pwd मार्ग से स्वामी जगन्नाथ मंदिर होते हुए देवरा घाट pwd मार्ग तक सम्पर्क मार्ग pwd के द्वारा घोघी नदी के तटबंध पर बनाया गया है । जिसको बने लगभग एक वर्ष ही हुआ है।

लेकिन अभी से ही आंशिक रूप से धराशाई हो गया है इससे निर्माण में की गई धांधलेबाजी साफ तौर पर नजर आ रहा है लेकिन यह तो जिम्मेदारों के लिए छोटी बात है यहां तो भ्रष्टाचार का एक नया अध्याय ही लिखा गया है सड़क के एस्टीमेट और भुगतान बिल के अनुसार यह सड़क ढाई किलोमीटर है जबकि इसकी वास्तविक दूरी दो किलोमीटर से भी कम है ।

यही नही कागजों में सड़क के दोनो तरफ ढाई किलोमीटर तक पटरी बनाई गई है लेकिन आप देख सकते हैं वह गधे का सींग बन गया है।

अति योग्य इंजीनियर केअनुसार सड़क पर दो किलोमीटर तक ब्रिक एजिंग किया गया है जो सूक्ष्मदर्शी से भी नजर नही आ रहा है।

अब आप अंदाजा लगा सकते हैं जिस योगी माडल की डिमांड अंतराष्ट्रीय स्तर पर है उनके नौकरशाह किस कदर पारंगत है और कितने गड्स एवं शाफगोई से भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं । आखिर इंजीनियरिंग की ऐसी शिक्षा कहां दी जाती है कि जिसका स्वरूप ही न हो उसका भी एमवी करके भुगतान ले लिया जाता है।

बाईट 1- मंदिर के पुजारी
बाईट 2- स्थानीय ग्रामीण
बाईट 3- स्थानीय ग्रामीण
बाईट 4- राजा गणपति आर – जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर