📅 Published on: July 29, 2024
kapilvastupost
समाजवादी पार्टी ने माता प्रसाद पाण्डेय को यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाने का ऐलान किया है. नेता प्रतिपक्ष के लिए रविवार को पार्टी कार्यालय में आधा दर्जन नामों पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में इटवा विधान सभा के मौजूदा विधायक पूर्नाव विधानसभा स्मपीकर माता प्रसाद पाण्डेय के नाम के घोषण कर दी है|
इसके अलावा पार्टी ने यूपी विधानसभा के सदस्य महबूब अली
को अधिष्ठाता मण्डल, कमाल अख्तर को मुख्य सचेतक और राकेश कुमार उर्फ आरके वर्मा को उप सचेतक की कमान सौंपी है| पार्टी की ओर से यह निर्णय अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. समाजवादी पार्टी के विधायकों की बैठक में कई नामों को लेकर चर्चा हुई थी |
इसके बाद तमाम विधायकों ने आखिरी फैसला अखिलेश यादव पर छोड़ दिया था. नेता प्रतिपक्ष के लिए शिवपाल सिंह यादव, इंद्रजीत सरोज, राम अचल राजभर के नाम के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन, अखिलेश यादव ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के नाम का ऐलान किया|
आपको बताते चलें, माता प्रसाद पाण्डेय सिद्धार्थनगर के इटवा सीट से विधायक हैं. उन्हें मुलायम सिंह यादव का काफी करीबी माना जाता था. इससे पहले वह यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं. नेता प्रतिपक्ष का पद इससे पहले अखिलेश यादव के पास था, लेकिन कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद वह दिल्ली की राजनीति कर रहे हैं|
माता प्रसाद पाण्डेय को विपक्ष का नेता बनाये जाने पर जिले में हर्ष
अपने संघर्षों और मृदुभाषी होने के कारण पूरे जनपद के समाज वादियों में उनकी पैठ है उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने पर युवा नेता नगर पालिका परिषद् के पूर्व चेयरमैन , पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जमील सिद्दीकी ने कहा वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पाण्डेय को नेता विपक्ष बनाए जाने के फैसले पर युवा नेता ज़मील सिद्दीकी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सिद्दीकी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पार्टी और विपक्षी दलों के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है।
युवा नेता ज़मील सिद्दीकी ने कहा, “माता प्रसाद पाण्डेय जी का नेता विपक्ष बनना हमारे लिए गर्व की बात है। उनका अनुभव और नेतृत्व क्षमता हमें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे न केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ हैं, बल्कि जनता के मुद्दों को अच्छी तरह से समझते हैं और उन्हें सदन में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता रखते हैं।”
डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून ने कहा “पाण्डेय जी का लंबा राजनीतिक करियर और उनके द्वारा किए गए कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। हम लोगों ने उनसे सीखा है उन्होंने हमेशा ही पार्टी के सिद्धांतों और मूल्यों को सर्वोपरि रखा है। उनके नेतृत्व में विपक्षी दल और अधिक मजबूती से काम करेगा और सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने में सक्षम होगा।”
सैय्यदा खातून ने यह भी कहा, “माता प्रसाद पाण्डेय जी का यह नया दायित्व युवा नेताओं के लिए भी प्रेरणादायक है। उनके अनुभव से हमें सीखने को मिलेगा और हम अपनी जिम्मेदारियों को और भी बेहतर तरीके से निभा पाएंगे।”
इसके अलावा जनपद भर के नेता कार्यकर्ता मोनू दुबे ,लाल जी यादव ,कमल खान सरफ़राज़ भ्रमर , अब्दुल कलाम ,कपिलवस्तु नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जावेद खान , मास्टर साहब , प्रदीप पत्थरकट , अताउल्बलाह मदनी ,बकर खान,शकील शाह , नियाज़ अहमद अदि ने ख़ुशी जाहिर की है |
माता प्रसाद पाण्डेय का राजनीतक सफ़र
31 दिसम्बर 1942 को जन्मे माता प्रसाद पाण्डेय उत्तर प्रदेश के दो कार्यकालों के पूर्व अध्यक्ष हैं।वर्तमान में वे उत्तर प्रदेशके सिद्धार्थ नगर के इटवा विधानसभा 305 निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं । अब वे उत्तर प्रदेश विधान सभा के विपक्ष के नेता हैं।
1980, 1985, 1989, 2002, 2007, 2012 और 2022 में विधान सभा के सात बार से निर्वाचित सदस्य रह चुके हैं संघर्षों के प्रेरणा रहे पाण्डेय जी ने समाज के गरीब और वंचित लोगों के उत्थान के लिए कई राजनीतिक आंदोलनों में भाग लिया और कई बार जेल गए।
समाजवादी पार्टी में बड़े कद्दावर नेता के रूप में पहचान स्थापित करते हुवे वह 1991 में स्वास्थ्य मंत्री तथा 2003 में श्रम एवं रोजगार मंत्री बने।