📅 Published on: August 24, 2024
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर । न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कूटरचित एवं फर्जी कागजातों के सहारे नौकरी कर रही आंगनवाडी कार्यकत्री और उसके पति के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीत किया गया है।
प्राप्त समाचार के अनुसार उसका ब्लक में तैनात आंगनवाडी कार्यकत्री शशिकला दूबे व उसके पति सत्यानन्द दूबे के खिलाफ धोखाधडी समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में उसका बाजार पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा पंजीत कर लिया है।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर खुर्द निवासी हरिहर प्रसाद पाठक का आरोप है कि अभियुक्त सत्यानन्द दूबे ने जालसाजी करके शातिराना तरीके से पत्नी शशिकला दूबे के स्थान पर दूसरी महिला को खडा करके उसे शशिकला बनाया।
शशिकला के नाम सेआंगनवाडी कार्यकत्री पद का फार्म भरवाया तथा दूसरी महिला ही शशिकला बनकर हस्ताक्षर की। और साक्षात्कार भी दिया।
इस प्रकार शशिकला दूबे ने आंगनबाडी कार्यकत्री की नौकरी हासिल करने में कामयाब हो गयी। आंगनवाडी कार्यकत्री शशिकला दूबे और उसके पति सत्यानन्द ने मिलकर षड्यंत्रकारी एवं कूटरचित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर आंगनवाडी कार्यकत्री की नौकरी हासिल कर लिए।
इस फर्जीवाडे की जानकारी होने पर शिकायतकर्ता हरिहर प्रसाद पाठक ने बाल विकास परियोजना विभाग में जन सूचना अधिकार के तहत 18 फरवरी 2021 में आवेदनकिया।
जिसकी सूचना 15 अक्टूबर 2022 को प्राप्त हो गई। आय प्रमाण पत्र समेत कई अन्य दस्तावेज कूटरचित एवं फर्जी पाया गया।
उसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर शशिकला दूबे आंगनवाडी कार्यकत्री की नौकरी हासिल करने में कामयाब हो गयी।
न्यायालय ने सुनवाई के पश्चात पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधडी समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीत करने का आदेश दे दिया।
जिस पर उसका बाजार पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीत कर तफ्तीश जारी कर दिया है। सूत्रों के अनुसार उसका बाजार थाने का यह बहुचर्चित प्रकरण बताया जाता है।