प्रधान जफ़र आलम के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय अलीदापुर में शिक्षा का स्तर बढ़ा गरीबों को राहत सीटिंग क्षमता को लेकर दिखा दबाव

जहाँ एक तरफ प्राइमरी स्कूल में माता पिता अपने बच्चों को भेजने से कतराते हैं वहीँ दूसरी ओर पलटा देवी चौराहे से 2 किलोमीटर दूर स्थित मुशहरी गाँव में सरकारी कम्पोजिट विद्यालय की कहानी कुछ और ही बयां करती है यह एक इकलौता ऐसा प्राथमिक और जूनियर विद्यालय है जो अपने क्षमता से जादा बच्चों को पढाता है बावजूद इसके पिछले सत्र में लगभग 50 बच्चों का एडमिशन पर्याप्त जगह न होने के कारण भरती नहीं ली गयी | क्या है इस शानदार स्कूल के पीछे का राज रिपोर्ट देखें   

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विकासखंड शोहरतगढ़ अंतर्गत ग्राम अलीदापुर स्थित प्राथमिक और जूनियर [ कंपोजिट ] सरकारी स्कूल ठीक रोड से सटे  बना एक शानदार प्राइमरी स्कूल एक बार उस रास्ते से जाने वाले को आकर्षित कर ही लेती है | विद्यालय के चारों ओर ऊंची बाउंड्री वाल और उस पर चहकती चिड़ियों , उगते सूरज की पेंटिंग इसके साथ ही बगल में लहराता तिरंगा किसी का भी मन मोह ले विद्यालय गेट के दाहिने फुल ड्रेस में छात्र छात्राओं के स्कूल आने का चित्रण बच्चों को पढने आने के लिए प्रेरित करता है |

पूरा विद्यालय बहुत ही शानदार ढंग से बना हुवा है आने जाने के लिए इंटरलॉकिंग वाले रास्ते विद्यालय की फर्श और दीवालों पर बेहतरीन चमचमाते टाइल्स और पर्यावरण , विज्ञानं , भूगोल , गणित और भारत के वीर सपूतों  से सम्बंधित चित्र पूरे स्कूल में बने हुवे हैं |

विद्यालय के टीचर – राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता विद्यालय के प्रधान अध्यापक के साथ ही विज्ञान के टीचर भी हैं जिस समय जनसंदेश टाइम्स की टीम पहुंची संयोग से वहां एग्जाम हो रहा था  ठीक एग्जाम के बीच में ही जो छात्र अपनी कापियां जमा कर घर जाने के इन्तेजार में थे उन्हीं में से अनिता सहानी कक्षा 2 , विजय कुमार कक्षा 2 , शिवांगी कक्षा 3 , आदित्य गिरी 3 , आदर्श गिरी कक्षा 4 , अंकित गिरी

, अनामिका गिरी कक्षा 5  और राजन गिरी कक्षा 5 में पढने वाले छात्र से मुलाकात करवाया प्रधान अध्यापक ने उपस्थित अध्यापकों  राम किशुन गुप्प्टा मैथ , आलोक श्रीवास्तव मैथ इंग्लिश , अभिनेष कुमार , इंग्लिश , साइंस , अर्पित पटेल सामाजिक विषय और हिंदी ,घनश्याम शुक्ल हिंदी संस्कृत इंग्लिश , राजेश चौरसिया मैथ और सामाजिक विषय , अमित कुमार श्रीवास्तव विज्ञान , शिक्षा मित्र विजय बहादुर सभी विषय और  रीता सभी विषयों की जानकारी रखती हैं सभी बेहतरीन टीचर होने  के साथ बहुत ही जिम्मेदार हैं |

बच्चों का किचन मास्टर और बच्चों से मिलते हुवे हमारी निगाह किचन पर पड़ी जहाँ  रसोइया आरती , मुन्नी देवी ,कुसुमा  और इंद्रावती बच्चों का खाना तैयार करते दिखीं टीम के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज बुद्धवार है आज के दिन तहरी और दूध देने की तैयारी है साफ़ सुथरी रसोइयों के साथ ही किचन भी सुन्दर दिखा |

बाथरूम / वाशरूम की स्थितविद्यालय के एक कोने में संयुक्त रूप से बना टॉयलेट है टॉयलेट की साफ़ सफाई के साथ ही साथ पूरे विद्यालय की सफाई दिन भर में तीन चरणों में होता है वाशरूम बिलकुल नए जैसे लग रहे थे बाहर से शानदार पेंटिंग और चमचमाती टाइल्स दिमाग खुश हो जाये |

शानदार स्कूल अच्छी पढाई रूटीन के हिसाब से भोजन सब एक साथ कैसे जनसंदेश टाइम्स की टीम रिपोर्टिंग के समय युवा प्रधान जफ़र आलम ने बताया कि मैं हमेशा से ही यही देखता था की गरीब अति गरीब जिनकी आय इतनी ही हो जिसमें वह दो वक्त के भोजन की व्यवस्था जैसे तैसे करने वाले परिवार के बच्चे ही सरकारी स्कूल की तरफ जाते देखता तो मुझे बहुत दुःख होता था सोचता था कि इन गरीब के बच्चे अगर इन्टर तक भी पढ़ लिख लेते

तब बाहर कमाने जाते तो उनका परिवार खुशहाल हो जाता  यह सब करने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है घर से जब भी जिला या तहसील की तरफ निकलता हूँ तो सबसे पहले अपने विद्यालय पर घूम कर जाता हूँ और जब खाली होता हूँ तो अपने विद्यालय पर दो घनटे रहकर चेक करता हूँ |

प्रधान जफ़र आलम ने बताया की विद्यालय में वर्तमान में  छात्र संख्या 357 है पिछली बार लगभग 50 बच्चों का एडमिशन जगह न होने के कारण नहीं लिया जा सका जिसका मुझे बहुत दुःख है हमारे विद्यालय के अगल बगल  महम्मदपुर , शाहपुर , धिमरौली ,पीकपार , छिट हनिया  , पुरैना , निबिहवा , घनश्यामपुर , देवी नगर , अमहवा ,गनेशपुर , मुशहरवा , मुशहरी इन सभी गाँव में सरकार के प्राथमिक विद्यालय मौजूद हैं लेकिन भीड़ हमारे यहाँ हो रही है एक दो कमरे बन जाते तो छात्रों को पढाई से वंचित नहीं होना पड़ता |

बहरहाल इस सबके पीछे एक सच्चाई यह भी है कि जफ़र आलम की पत्नी मुंबई से पढ़ी लिखी ग्रेजुएट हैं जब वह नयी नयी प्रधान बनी थी उन्होंने यह ठान लिया था की कुछ भी हो शिक्षा के माध्यम से हर घर को रौशन करने का काम करेंगी जो पढाई प्राइवेट स्कूल में होती है उससे बेहतर शिक्षा अपने सरकारी स्कूल में दिलाऊंगी जफ़र भाई ने भी आला कमान के साथ सहमति जताते हुवे वर्षों की कड़ी मेहनत से सपना साकार किया उनका यह प्रयास क्षेत्र के सैकड़ों प्रधानों के लिए एक मिशाल है |

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