सिद्धार्थ नगर – आखिर कब तक होटल व्यवसायियों का कठपुतली बना रहेगा खाद्य सुरक्षा विभाग विभाग नहीं दिया ध्यान तो कई लोग हो सकते हैं बीमारी का शिकार
📅 Published on: September 20, 2024
सुनील श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। जिले में इन दोनों नकली मिठाइयां, और नकली पनीर का कारोबार बड़ी ही तेजी से फल फूल रहा है लेकिन इन कारोबारियों पर कार्यवाही करने के बजाय खाद्य सुरक्षा विभाग में बैठे तंत्र दिलेयर बने हुए हैं। जिसकी वजह से कारोबारियों के हौसले पूर्ण रूप से बुलंद नजर आ रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार जिला के नगर पंचायत इटवा महादेव घूरुहू के चौराहों पर नकली मिठाइयां और नकली पनीर का कारोबार विकराल रूप लिए हुए है। और यह कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में जानलेवा मिठाइयां और जानलेवा पनीर का कारोबार करने में जरा सा भी झिझक नहीं करते हैं।
क्योंकि उन कारोबारियों को भली-भांति मालूम है कि उनके इस गोरखधंधे पर कार्यवाही कौन करेगा जब कार्रवाई करने वाले साहब जनों का हो छत्र छाया उन पर कायम है। स्वास्थ्य विभाग की सूत्रों की माने तो कती खोया और नकली पनीर किडनी फेफड़े पर दुष्प्रभाव डालता है।
साथ ही शरीर को गंभीर एवं भयानक बीमारी के हवाले से जाकर छोड़ देता है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदारों को अच्छी तरह से मालूम है कि नकली खोया और नकली पनीर का कारोबार जिले में विकराल रूप लिए हुए है।
लेकिन ये जिम्मेदार जांच व कार्रवाई करने के बजाय शायद सुविधा शुल्क की मजबूत कड़ी की वजह से अनभिज्ञ एवं अनजान बने हुए हैं।
सबसे मजे की बात यह है कि जब कोई त्यौहार करीब आता है तब खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी नकली मिठाइयां और नकली पनीर एवं सिंथेटिक्स दूध के गिने चुने कारोबारियों पर कार्यवाही करते हैं और खाद्य सामग्री की भी बरामदगी दिखाकर समाचार पत्रों की सुर्खियों में बनकर वाहवाही लूटने का काम करते हैं।
तो ऐसे में सवाल यह है कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी नियम कानून की आंखों में धूल झोंक कर समाज को बेवकूफ बनाने का काम करना ही पसंद करते हैं। यह तो वक्त कोख में कैद है कि आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार होटल व्यवसायियों की कठपुतली बनकर कब तक कानून की धज्जियां उड़ाते रहेंगे।
प्रतीकात्मक फोटो


