सिद्धार्थनगर- सिद्धार्थ एकेडमी नादेपार में तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी व मेला का आयोजन

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सिद्धार्थनगर, जोगिया। सिद्धार्थ एकेडमी नादेपार में तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी व मेला का आयोजन पूर्वांचल महिला एवम् बाल विकाश संस्थान उत्तर प्रदेश व राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद के तत्वधान में आयोजित किया गया।

05 अक्टूबर से 07 अक्टूबर 2024 को इस अवसर पर प्रदर्शनी में रोचक भरी प्रतियोगिताओ का प्रदर्शन हुआ तथा बच्चों को ज्ञान और विज्ञान की जानकारी दी गयी।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके ज्ञान की देवी मां शारदे की वंदना के द्वारा शुरुआत किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के प्रबंधक अभिषेक कन्नौजिया को बैच लगाकर अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह एवम प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

उन्होंने बच्चो को बताया कि विज्ञान को तीन उपश्रेणियों में विभाजित किया गया है। ये उपश्रेणियाँ भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान हैं। किस प्रकार से विज्ञान हमारे जीवन में कितना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

मुख्य अतिथि मो अजीम जी को बैच लगाकर माल्यार्पण, अंग वस्त्र,स्मृति चिन्ह तथा प्रसस्ति पत्र द्वारा सम्मानित किया गया।

उन्होंने बताया कि आज हमारा देश विकसित देशों की श्रेणी में आता है हमारे वैज्ञानिकों द्वारा चंद्रयान 3 का सफ़लता पूर्वक परीक्षण संपन्न हुआ है। जो हमे चंद्रमा की सतह की जानकारी प्रदान करेगा।

भारत के पास पीएसएलवी और जीएसएलवी जैसे अत्यंत सफल प्रक्षेपण यान हैं। भारत ने उपग्रह को धुव्रीय कक्ष में स्थापित करके कीर्तिमान कायम किया है। भारत ने रोहिणी, एप्पल जैसे उपग्रह को स्थापित किया है। किस तरह से हमारे देश के महान वैज्ञानिकों ने कठिन परिश्रम के बाद सफलता प्राप्त की और हमारे देश का नाम रोशन किया। इन्होंने बच्चों अपने जीवन मे निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया ।

विशिष्ठ अतिथि मिथुन यादव को बैच लगाकर अंग वस्त्र स्मृति चिन्ह से स्वागत किया गया।उन्होंने बच्चों को अपने जीवन में विज्ञान के क्षेत्र में अधिक से अधिक सीखने के लिए प्रोत्साहित किया । जल प्रदूषण , मृदा प्रदूषण को रोकने और उससे होने वाले रोगों के रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान की।

स्वदेशी वस्तु के निर्माण और उसके उपयोग के लिए बच्चों को प्रेरित किया। बच्चों के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ते रहने के लिए निरंतर प्रयास करते रहिए।बताया कि किस तरह से हमारे वैज्ञानिकों ने कठिन परिश्रम के द्वारा बल्ब, भाप इंजन , दूरबीन आदि का अविष्कार किया और विज्ञान के द्वारा हमारे समाज को अपना विशेष योगदान दिया।

इस बीच सभी बच्चों ने मानव कंकाल तंत्र, मानव मस्तिष्क, वैरोमीटर, टेलीस्कोप, दूरवीन, चुम्बकीय पथ, पेरिस्कोप, पेंडुलम, ज्वालामुखी इत्यादि मॉडल का अवलोकन किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, मॉडल प्रतियोगिता तथा कला एवम् पेंटिंग प्रतियोगिता कराई गई इन प्रतियोगिताओं में जिन बच्चों ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया उन सभी बच्चों को इस कार्यक्रम के दौरान पुरस्कृत किया गया इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।

पूरा कार्यक्रम पी आई कृष् प्रशाद मिश्रा की देखरेख में संपन्न हुआ।