📅 Published on: December 20, 2024
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर आज संसद में सांसद जगदंबिका पाल ने उर्वरकों के घरेलू उत्पादन, उनकी उपलब्धता और किसानों को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने से संबंधित एक प्रश्न उठाया।
इसके उत्तर में माननीय रसायन और उर्वरक मंत्री ने बताया कि सरकार ने नई निवेश नीति (2012) और नई यूरिया नीति (2015) के माध्यम से उर्वरक उत्पादन में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
छह नई यूरिया इकाइयों की स्थापना से उत्पादन क्षमता 76.2 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष बढ़ाई गई है। इसके अतिरिक्त, फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) योजना लागू की गई है।जिससे किसानों को रियायती दरों पर उर्वरक मिलते हैं। यूरिया 45 किलो बैग के लिए ₹242 की अधिकतम खुदरा कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है।
और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार किसानों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ने देती। मंत्री ने यह भी बताया कि पालघर जिले में पिछले तीन वर्षों में उर्वरक उत्पादन नहीं हुआ, लेकिन किसानों की मांग को पूरा करने के लिए 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में क्रमशः 24,690 मीट्रिक टन, 19,980 मीट्रिक टन और 22,890 मीट्रिक टन उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
उर्वरकों की आपूर्ति श्रृंखला को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (iFMS) के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है, और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाता है। इन प्रयासों के माध्यम से सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, किसानों की समस्याओं को हल करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है।