📅 Published on: February 11, 2025
गुरु जी की कलम से
बढ़नी कस्टम विभाग ने एंटी स्मगलिंग डे के अवसर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य का अवैध कोयला जब्त किया, जिसे भारत से नेपाल ले जाया जा रहा था।
सूत्रों के अनुसार इस अभियान में कस्टम अधिकारियों ने तस्करों के कमर तोड़ने का काम किया है जो लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में संलिप्त था।
कस्टम अधीक्षक आर के तिवारी के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर खुनुआ बॉर्डर पर तस्कर अवैध रूप से दो बड़े ट्रकों में कोयला लादकर उसे नेपाल भेजने की फिराक में थे। हालांकि, समय रहते कस्टम विभाग ने इस योजना को नाकाम कर दिया।
जब्त किए गए कोयले की मात्रा और उसकी बाजार कीमत का और दो नई बड़े ट्रकों की कीमत आकलन एक करोड़ दो लाख रुपए का अनुमान है।
इस सफलता पर कस्टम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना की और कहा कि एंटी स्मगलिंग डे पर की गई यह कार्रवाई तस्करी के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।
11 फरवरी तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर खास रिपोर्ट
तस्करी देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर करती है समाज में तफरका पैदा करती है तस्करी के माध्यम से आने वाले मादक पदार्थों की आपूर्ति से आने वाली पीढ़ी को बर्बाद करती है यही नहीं तस्करी जरायम की जननी होती है।
देश कीी आर्थिकस्थिति को मजबूत करने के लिए तस्करी को रोकने के लिए देशभक्त समाज सेवी यो पत्रकारों एवं अधिकारियों के साथ ही साथ खद्दर धारी यो को सामने आकर के तस्करी को रोकने के लिये सामने आना पड़ेगा बताया जाता है किफिक्की (FICCI) ने कैस्केड (CASCADE) के साथ मिलकर 2022 में 11 फरवरी को ‘एंटी स्मगलिंग डे’ लॉन्च किया था. इसके तहत राष्ट्रव्यापी स्तर पर सभी तस्करी के विरोध में अभियान चलाया जाता है।
तस्करी एक वैश्विक समस्या है, जो दुनिया भर के देशों और क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है. दुनिया भर की सरकारों ने तस्करी से निपटने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए हैं. इनमें सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, सख्त व्यापार नियमों को लागू करना और आपराधिक नेटवर्क को बाधित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना शामिल है. आज के समय में तस्करी एक बड़ी समस्या बन गई है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है. भ्रष्टाचार मुक्त देश और नीति निर्माताओं की इच्छा शक्ति पर काफी हद तक किसी देश में तस्करी की समस्या निर्भर करता है.
तस्करी के काली कमाई के बल पर ही कुछ अपराधी समाज में सफेद कुर्ता पहने हुए समाजसेवी बनाकर घूमतेहैं यह जब किसी ऊंची कुर्सी पर पहुंच जते हैं तो वह देश और समाज के लिए सबसे खतरनाक होता हविश
क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी विरोधी दिवस पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने, सूचनाओं और अनुभवों को बेहतर ढंग से साझा करने की सुविधा प्रदान करने के लिए मजबूत नेटवर्क बनाने का प्रयास किया जाता है. ताकि तस्करी की गतिविधियों को पूरी तरह से बंद किया जा सके. सीमा शुल्क या आयात या निर्यात प्रतिबंधों से बचने के लिए राष्ट्रीय सीमाओं के पार माल/उत्पाद की गुप्त आवाजाही को तस्करी कहा जाता है. यह आम तौर पर तब होता है जब सीमा शुल्क इतना अधिक होता है कि तस्कर माल गुप्त वस्तुओं पर बड़ा लाभ कमा सकता है या जब प्रतिबंधित वस्तुओं, जैसे नशीले पदार्थों या हथियारों की मजबूत मांग होती है. सीमा शुल्क या आयात या निर्यात प्रतिबंधों से बचने के लिए देश की सीमाओं के पार माल या उत्पाद को गुपचुप तरीके से इस पार उस पार किया जाता हैं तो उसे तस्करी कहते हैं
:तस्करी एक बड़ी समस्या है, जो दुनिया भर के देशों और क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है. दुनिया भर की सरकारों ने तस्करी से निपटने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए हैं. इनमें सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, सख्त व्यापार नियमों को लागू करना और आपराधिक नेटवर्क को बाधित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना शामिल है.
आज के समय में तस्करी एक बड़ी समस्या बन गई है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है. भ्रष्टाचार मुक्त देश और नीति निर्माताओं की इच्छा शक्ति पर काफी हद तक किसी देश में तस्करी की समस्या निर्भर करता ह
तस्करी संगठित अपराध में वृद्धि में योगदान करती है, क्योंकि यह आपराधिक समूहों के शोषण के लिए एक लाभदायक भूमिगत बाजार बनाती है. तस्करी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादी संगठनों/आपराधिक संगठनों को आर्थिक रूप से मदद करती है. काला धन उत्पन्न करना और प्रसारित करना. तस्करी जिसमें करों और टैरिफ से बचना या चोरी करना शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारों को महत्वपूर्ण राजस्व हानि होती है. कुल मिलाकर यह देश के विकास और आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचा ती है.