समाजवादी पार्टी के नेता मो. इदरीस का बड़ा बयान: करणी सेना की हिंसा के खिलाफ न्याय की मांग
समाजवादी पार्टी का बड़ा प्रदर्शन: करणी सेना की हिंसा के खिलाफ बांसी में उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
महेंद्र कुमार गौतम
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राम जी लाल सुमन के घर पर करणी सेना द्वारा किए गए उपद्रव और गाड़ियों में तोड़फोड़ की घटना के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने बांसी में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेता मो. इदरीस के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना दिया और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की।
मो. इदरीस का बड़ा बयान: लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं धरना प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता मो. इदरीस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा
राम जी लाल सुमन के घर पर हुआ हमला लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है। हमारी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। हम दोषियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा गया
बांसी में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और SDM को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि इस हमले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। लोकतंत्र में इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त न किया जाए और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो। जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
समाजवादी पार्टी का संदेश: अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
धरना प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अपने नेताओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव लड़ाई लड़ेंगे। मो. इदरीस ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी कानून और संविधान के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ेगी, लेकिन अन्याय को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने एक सुर में न्याय की मांग की और करणी सेना की इस हरकत की कड़ी आलोचना की।