आज देशभर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इसी क्रम में बांसी कस्बे में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहाँ सामाजिक न्याय और समता के प्रतीक बाबा साहब को याद किया गया।
इस अवसर पर सपा नेता इदरीस पटवारी ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहाबाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने विचारों, संघर्ष और शिक्षा के बल पर एक पूरी व्यवस्था को बदल कर रख दिया। उन्होंने समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित वर्ग को आवाज़ दी और भारत को एक ऐसा संविधान दिया जो सबको बराबरी का अधिकार देता है।
इदरीस पटवारी ने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहब के विचारों को केवल समारोहों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में अपनाएं।
बाबा साहब ने कहा था कि शिक्षा वह शस्त्र है जिससे आप दुनिया को जीत सकते हैं। आज जरूरत है कि हम शिक्षा को अपना हथियार बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें – इदरीस पटवारी
कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना का पाठ, बाबा साहब की जीवनी पर आधारित प्रदर्शनी और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए गीत-संवादों ने माहौल को भावुक और प्रेरणादायी बना दिया। कस्बे के नागरिकों ने एकमत से कहा कि बाबा साहब का सपना — “समता, स्वतंत्रता और बंधुता पर आधारित समाज” — आज भी हमारे सामने एक लक्ष्य के रूप में है।