📅 Published on: March 7, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। स्थानीय मोहाना चौराहे पर संचालित मोगीस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में भारी अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन पाया गया है, जिसके बाद विभाग ने प्रबंधन से 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रमुख अनियमितताएं और जांच के बिंदु:
* अवैध विस्तार: रिकॉर्ड के अनुसार अस्पताल केवल 10 बेड के लिए पंजीकृत है, लेकिन मौके पर यह दो अलग-अलग इमारतों में फैला हुआ पाया गया।
* बिना लाइसेंस की मशीनें: अस्पताल परिसर में एक्स-रे और सीआर (कंप्यूटेड रेडियोग्राफी) मशीनें बिना वैध दस्तावेजों और आवश्यक लाइसेंस के संचालित होती मिलीं।
* अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश: जांच में सामने आया कि ‘आदर्श पैथोलॉजी’ और ‘आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर’ एक सिंडिकेट की तरह काम कर रहे हैं। बिना किसी वैध पंजीकरण के मरीजों की जांच की जा रही है और उन्हें एक सेंटर से दूसरे सेंटर भेजा जा रहा है।
* बिना योग्यता वाले कर्मचारी: निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे लोग भी मरीजों का उपचार करते मिले जिनकी मेडिकल योग्यता संदिग्ध है।
प्रशासन की कार्रवाई:
सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम (जिसमें डॉ. अनूप जायसवाल और अन्य अधिकारी शामिल थे) ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि तीन दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर अस्पताल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि मौके पर खामियां मिलने के बावजूद तत्काल सख्त एक्शन क्यों नहीं लिया गया।