📅 Published on: April 29, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर, 29 अप्रैल 2025।
मानव सेवा संस्थान ‘सेवा’ गोरखपुर द्वारा अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं का सहयोग लिया जा रहा है।
ब्लॉक सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में संस्था के प्रोग्राम मैनेजर जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुरोहितों, मौलवियों और पादरियों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बिना किसी धार्मिक अनुष्ठानकर्ता के संभव नहीं है, इसलिए धर्मगुरुओं को इस अभियान से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि जिले के कई मंदिरों और मस्जिदों के बाहर ‘यहां बाल विवाह नहीं होता’ जैसे बोर्ड लगाए गए हैं। यह पहल ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ (JRC) के सहयोग से की जा रही है, जो 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में कार्यरत है।
संस्थान के कार्यकारी निदेशक पूरु मयंक त्रिपाठी ने सभी धर्मगुरुओं से सहयोग की अपील की है। साथ ही लोगों को यह जानकारी दी जा रही है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) 2006 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें दो साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
संस्थान ने 2023-24 में कई बाल विवाह रोकवाए हैं और समुदायों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई है। कार्यक्रम मैनेजर ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से जिले को जल्द ही बाल विवाह मुक्त बनाया जा सकेगा।