📅 Published on: May 4, 2025
Kapilvastupost
उस्का बाजार ब्लॉक क्षेत्र के महुलानी गांव में हैंडपंप मरम्मत के नाम पर फर्जी बिल-बाउचर लगाकर भुगतान कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। साथ ही पंचायत संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया गया है।
ग्राम पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार गुप्त ने बीडीओ को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान दबाव बनाकर हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 52,200 रुपये का फर्जी भुगतान कराना चाहते हैं। सचिव ने जांच टीम को इस्टीमेट, मजरामुक्ति बुक (एमबी) और बाउचर की छायाप्रति सौंपी, जिनमें अधिकांश पर केवल लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता के ही हस्ताक्षर थे।
जांच में पाया गया कि जिन आठ हैंडपंपों की मरम्मत का दावा किया गया था, उनमें से छह पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बावजूद संबंधित फर्म से फर्जी बाउचर तैयार कर सचिव से हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय जांच की, लेकिन निरीक्षण के समय ग्राम प्रधान मौजूद नहीं थे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं और तीन सदस्यीय समिति के ज़रिए ग्राम पंचायत का संचालन सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।