📅 Published on: June 12, 2025
महेंद्र कुमार गौतम
बांसी, सिद्धार्थनगर।
जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली सरयू नहर खंड प्रथम बांसी के किसानों की उम्मीदें इस बार फिर धरी की धरी रह गईं। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि गेहूं कटाई के महीनों बाद भी नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, जबकि लाखों रुपये खर्च कर नहरों की सफाई, बंधों की मरम्मत और पटरियों के निर्माण का काम दिखावे के तौर पर पूरा कर लिया गया।
इस समय धान के बेहन (नर्सरी) डालने का वक्त चल रहा है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी नदारद है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं, क्योंकि यदि शीघ्र ही नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो धान की रोपाई में भारी देरी होगी, जिससे फसल चक्र गड़बड़ा सकता है।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ कागज़ी कार्रवाई और बजट के खर्च में रुचि लेते हैं, लेकिन जमीनी हालात से कोई सरोकार नहीं रखते। मुख्य शाखा बांसी सहित तमाम राजवाहा नहरों में इस समय पानी नहीं है। ऐसे में लाखों की लागत से की गई सफाई और निर्माण कार्य महज़ एक खानापूरी प्रतीत होती है।
ग्रामीणों की मांग है कि विभागीय जिम्मेदारों के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसान अपनी फसल की तैयारी कर सकें।