इज़राइल में रहने वाले नेपाली नागरिकों के लिए दूतावास की हिदायत: अत्यंत आवश्यक न हो तो घरों से बाहर न निकलें मौलाना मशहूद खां नेपाली

गुरु जी की कलम से 
बढ़नी सिद्धार्थनगर

इज़राइल में नियुक्त नेपाली दूतावास ने इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां रह रहे नेपाली नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही घरों से बाहर निकलें। दूतावास के अनुसार, युद्ध के चलते इज़राइल के विभिन्न हिस्सों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है, जिसके चलते सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।

दूतावास ने बताया कि इज़राइली “होम फ्रंट कमांड” द्वारा नागरिकों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, जिनके तहत शैक्षणिक संस्थान, गैर-जरूरी कार्यालय और सार्वजनिक जमावड़े बंद कर दिए गए हैं। इस स्थिति में नेपाली दूतावास ने अपने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे स्थानीय सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

यह बयान न सिर्फ नेपाली नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी चेतावनी है, बल्कि इसने उस वैश्विक दावे को भी खंडित किया है जो इज़राइल को अजेय और पूरी तरह सुरक्षित बताता रहा है। नेपाल के दूतावास ने जिस ईमानदारी से इज़राइल की आंतरिक स्थिति का चित्र प्रस्तुत किया है, वह वैश्विक शक्तियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए एक दर्पण बन गया है।

ऐसे समय में जब अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इज़राइली क्षति को छिपाने या कमतर दिखाने में जुटी हैं, नेपाली दूतावास का यह निष्पक्ष वक्तव्य स्पष्ट करता है कि युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शहरों, विद्यालयों और घरों तक पहुंच चुका है। यह यथार्थ वह दर्पण है जिसमें ताकत का कृत्रिम घमंड पिघलता हुआ स्पष्ट दिखाई देता है।