सिद्धार्थ नगर – डी एम की सख्ती का दिखा असर बांसी में दो अस्पताल सील

बांसी में अवैध अस्पतालों पर सीएमओ की छापेमारी, बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था धनवंतरि हॉस्पिटल, मरीज को कराया गया शिफ्ट

Kapilvastupost

जनपद में अवैध अस्पतालों की बाढ़ थमने का नाम नहीं ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही से बिना पंजीकरण और अनुमति के अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया और डिप्टी सीएमओ डॉ. शेषभान गौतम की अगुवाई में बांसी कस्बे में दो अस्पतालों पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान डाक बंगला रोड स्थित धनवंतरि हॉस्पिटल बिना किसी पंजीकरण के संचालित पाया गया। मौके पर मौजूद एक महिला कर्मी से अस्पताल संचालन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इतना ही नहीं, अस्पताल में एक सिजेरियन मरीज इमराना खातून भर्ती मिली, जिसके उपचार से संबंधित कोई रिकॉर्ड भी नहीं दिखाया गया।

CMO ने तत्काल नोटिस थमाते हुए अस्पताल को बंद करने का निर्देश दिया और मरीज को 50 शैय्या युक्त सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा, “बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल नहीं चलेंगे। अवैध संचालन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

इसी क्रम में अपोलो हॉस्पिटल की भी जांच की गई, जहां पंजीकरण नवीनीकरण के बिना संचालन पाया गया। यहां अवैध रूप से चल रही अल्ट्रासाउंड मशीन को सील करते हुए नोटिस जारी किया गया और जवाब तलब किया गया है।

छापेमारी में सीएमओ के साथ नायब तहसीलदार मार्धुय यादव और बसंतपुर के अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।

सबकुछ जानने के बाद जनता दौड़ कर पहुंच जाती है फर्जी अस्पतालों में इलाज करवाने , जनता को सोचना चाहिए जब अस्पताल फर्जी हैं इनपर लगातार कार्यवाही हो रही है तब भी उसके समझ में नहीं आ रहा है।