फागू बाबा शाह बाबा मजार विवाद: डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून ने SDM-CO से की मुलाकात, सौहार्द बिगाड़ने वालों पर जताई चिंता

फागू शाह बाबा के मजार को विवाद का केंद्र बनाए बिना क्या हिंदू समाज अपने सनातन धर्म को श्रेष्ठ नहीं बना सकता श्रेष्ठता साबित करने के लिए सामने वाले का मुसलमान या मुस्लिम प्रॉपर्टी होना जरूरी है।

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर।
डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के चौखड़ा स्थित फागू शाह बाबा की मजार को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद पर मंगलवार को डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून ने एसडीएम और क्षेत्राधिकारी (CO) से मुलाकात की। विधायक ने मजार स्थल पर शांति व्यवस्था कायम रखने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

बता दें कि चौखड़ा में स्थित बाबा फागू शाह की समाधि वर्षों से स्थानीय सनातन आस्था का केंद्र रही है। कुछ समय से वहां हर गुरुवार को दुआ, भभूत और चमत्कार के नाम पर कथित रूप से अंधविश्वास फैलाया जा रहा था, जिसे लेकर पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी प्रशासन से लिखित शिकायत कर धार्मिक भावनाओं के आहत होने की बात कही थी।

इसी प्रकरण में विधायक सैय्यदा खातून ने स्पष्ट किया कि लगभग 105 वर्ष पुराने इस स्थल पर हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिलती रही है। लेकिन कुछ तथाकथित लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए मजार स्थल पर हवन-पूजन कर माहौल को बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं।

सांस्कृतिक विरासत पर न पड़े आंच
विधायक ने कहा कि डुमरियागंज की संस्कृति और सदियों पुरानी विरासत को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर भाईचारे और तहजीब की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे, किसी को भी हमारी सामाजिक एकता और भाईचारे में दरार डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

विधायक ने प्रशासन से वार्ता के बाद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि अधिकारियों द्वारा मामले की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन सतर्क, शांति बनाए रखने की अपील
एसडीएम डुमरियागंज और सीओ डुमरियागंज ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि मजार स्थल की निगरानी की जा रही है और माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि डुमरियागंज के चौखड़ा में स्थित बाबा फागू शाह की समाधि पर बीते कुछ समय से अलग-अलग धार्मिक गतिविधियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्रशासन से शिकायत की गई है। फिलहाल अधिकारी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।