📅 Published on: August 2, 2025
गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)।
विकास खंड बढ़नी अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगहिया के टोला मिश्रोलिया स्थित कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद दयनीय और चिंताजनक है। शिक्षा के नाम पर चल रहे इस विद्यालय में न तो छात्रों की उपस्थिति संतोषजनक है, न ही शिक्षकों की जिम्मेदारी दिखाई दे रही है।
शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे जब मीडिया टीम विद्यालय पहुंची, तो वहां की बदहाल स्थिति और उपेक्षित माहौल देखकर साफ जाहिर हुआ कि शिक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही बरती जा रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य मुदस्सिर हुसैन ने बताया कि कक्षा 6, 7 और 8 में कुल 23 बच्चों का नामांकन है, लेकिन उस दिन कक्षा 6 में एक भी छात्र उपस्थित नहीं था। कक्षा 7 में 6 और कक्षा 8 में 5 बच्चों की हाजिरी दर्ज की गई थी, जबकि मौके पर केवल 8 बच्चे ही उपस्थित मिले।
विद्यालय में कुल 5 शिक्षक तैनात हैं, जिनमें से सहायक अध्यापक बुद्धिराम, विवेक कुमार और शिक्षा मित्र रामदेव यादव उपस्थित थे। वहीं महिला शिक्षिका शैल कुमारी, जो शिक्षा मित्र हैं, अनुपस्थित पाई गईं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वह अक्सर गैरहाजिर रहती हैं, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
विद्यालय भवन भी खस्ताहाल है। जगह-जगह गंदगी, घास-फूस, टूटे-बेंच और अव्यवस्थित कक्षाएं बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रही हैं। साफ-सफाई का अभाव साफ झलकता है, जिससे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य और मनोबल दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोग और अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सरकारी विद्यालयों में अधिकतर गरीब तबके के ही बच्चे पढ़ते हैं, जबकि शिक्षकों और अधिकारियों के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद सरकारी स्कूलों की उपेक्षा शासन-प्रशासन की असफलता को दर्शाती है।
इस पूरे प्रकरण पर खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने संज्ञान लेते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी उचित कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था की इस गिरती हालत पर अगर अब भी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य की नींव कमजोर होती चली जाएगी।