📅 Published on: August 3, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर सच्ची पत्रकारिता को लेकर पत्रकारों पर आये दिन मुकदमा दर्ज किये जा रहे हैं और अब पत्रकारों पर खतरा मंडराने लगा है जो देश के लिए शुभ संकेत नहीं उपरोक्त बातें प्रेस क्लब संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश कुमार आजाद शुक्ला ने धरना दे रहे पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि इस युग में योगी आदित्यनाथ ही पत्रकारों के उत्पीड़न रोकने में सक्षम है पर जताया भरोसा।
बता दें कि जनपद बलरामपुर थाना पचपेड़वा के अन्तर्गत एक फेसबुक पर टिप्पणी को लेकर एक व्यक्ति द्वारा समाचार भारत टीवी के पत्रकार/सम्पादक मिथिलेश कुमार के ऊपर 30 जुलाई 2025 को मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया जबकि इसके पूर्व एएनआई ने उस खबर को किया था, जिसमें उसी सोर्स को लेकर खबर चलाया था। मामला उस वक्त गरमाया जब VVH हास्पिटल की खबर और मुस्लिम युवती के साथ रेप हुआ तो उस खबर को प्रमुखता से समाचार भारत टीवी के सम्पादक मिथिलेश कुमार ने उठाईं और कार्यवाही भी हुई और मुल्जिम जेल के सलाखों के पीछे गये। तब विरोधियों ने अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए फेसबुक पर टिप्पणी करने वाली बात का बतंगड़ बनाते हुए मिथिलेश कुमार पर थाना पचपेड़वा में मु.अ.स.0154/2025, धारा 299, 352, 353(3), 196, 66E रमेन्द्र त्रिपाठी के तहरीर पर दर्ज कर लिया। जब वरिष्ठ पत्रकार तहरीर देने थाने गये तो उन्हें थाने पर बिठा लिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना को सुनकर पत्रकार समुदाय में रोष व्याप्त है।
अभी सिद्धार्थनगर में पत्रकार आर के विश्वकर्मा के साथ घटी घटना में त्रिलोकपुर थाने द्वारा अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई और मुल्जिमानो की गिरफ्तारी की मांग प्रेस क्लब जनपद-सिद्धार्थनगर ने उठाया है।
अब थाना पचपेड़वा में दर्ज मुकदमे में पत्रकार मिथिलेश कुमार का क्या यही दोष की रेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाना क्या गलत है। स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाली खबर हो या बलात्कार की शिकार हुई युवती उनको लोकतांत्रिक रूप से खबर दिखाने के लिए जेल ही एक रास्ता है। यह मीडिया संस्थान एंव पत्रकारिता जगत के साथ साथ देश के लिए उचित संकेत नहीं है।
भारत एक लोकतांत्रिक देश है यहां हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई व अन्य समाज पर हो रहे उत्पीड़न के लिए समान कानून हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय अथवा शासन व प्रशासन व्यवस्था में अलग अलग परिभाषित किया गया है कि आलोचना सुधार की पहली कड़ी है यदि आलोचन शब्द पत्रकारिता जगत से हटा दिया जाएगा तो वह दिन दूर नहीं जो लोगों की गलतियों में सुधार हो सके वह देश हिटलर शाही की तरफ चला जायेगा।
अब आलोचना के रूप में प्रधानमंत्री पर किये गये टिप्पणी को लेकर पत्रकार मिथिलेश कुमार ने क्या कहा -भारत का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डरपोक, निकम्मा, पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों के मौत पर पार्लियामेंट में एक शब्द नहीं बोला……..अब शुभम् द्विवेदी की पत्नी ने ANI पर बोल रहीं हैं कि पीएम नरेन्द्र मोदी पहलगाम हमले में 26 लोगों के मौत पर पार्लियामेंट में कुछ नहीं बोले, वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बोले। अब शुभम् द्विवेदी की पत्नी का दर्द कौन बाटे।
उधर रेप की घटना में शामिल अभियुक्तो ने समाचार भारत के पत्रकार/सम्पादक मिथिलेश कुमार को फंसाने की साज़िश रच ही रहे थे कि पत्रकार मिथिलेश कुमार का आलोचना उनके लिए भारी पड़ गया। जब शीर्ष नेतृत्व करने वालों की आलोचनाओं बड़े बड़े सन्तों और महात्माओं ने किया है जिससे समाज में संतुलन बना रहे और हिटलर शाही खत्म हो। यह तो मात्र आलोचना है। क्या शुभम् द्विवेदी को न्याय नहीं मिलनी चाहिए, क्या रेप पीड़िता मुस्लिम युवती को नहीं मिलनी चाहिए, क्या हास्पिटलो में दवा के वजाय उल्टे-सीधे हरकत हो, क्या बिना रजिस्ट्रेशन और मान्यताओं को हास्पिटल संचालित रहे। इन सबकी आवाज उठाने वाले पत्रकारों को यदि सलाखों के भीतर रखा गया तो भारत विकास से जरूर ऐसे लोग की हरकत से भटक जायेगा।
किन्तु विडम्बना के साथ कहना पड़ रहा है कि अपनी कमी छुपाने के लिए एक सच्चे पत्रकार को जेल के सलाखों में कैद करने वालों की खबर अब उत्तर प्रदेश सरकार के उपर छोड़ा जा रहा है कि भाजपा के शासनकाल में सपा का पूर्व मंत्री का राज़ चलेगा या सत्य का इसे योगी जी को तय करना है।
प्रेस क्लब जनपद-सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में खड़यन्त्र के तहत दर्ज मुकदमे समाचार भारत टीवी के सम्पादक मिथिलेश कुमार पर से वापिस लिया जाए इन मांगों को लेकर आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से भेजकर त्वरित कार्यवाही की मांग उठाई गई है।
आज इस ज्ञापन के दौरान अविनाश कुमार आजाद शुक्ला प्रेस क्लब संस्थापक, राष्ट्रीय मंत्री सन्तोष कुमार गोड़, आदिशक्ति देव मिश्रा जिला अध्यक्ष, हिंदी दैनिक बुद्ध दस्तक संपादक महमूद अली, श्रीराम सोनी, विजय कुमार मिश्रा, मनोज कुमार, आर के विश्वकर्मा, प्रेम चंद गौड़ सन्तोष कुमार, जितेन्द्र कुमार, विजय बहादुर, जवाहर लाल जायसवाल, रामू गोंड, सरिता पाण्डेय, सत्येन्द्र द्विवेदी, शैलेश कुमार, राशिद हाशमी, जफर, मनोज पासवान, दीपू पासवान, राज कुमार वर्मा, प्रदीप निषाद, कन्हैयालाल लोधी, रविन्द्र कुमार, अब्दुल नईम के अलावा सैकड़ों मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।