📅 Published on: August 18, 2025
जिस भरोसे और विश्वास से डी एम राजा गणपति वाले समाधान दिवस में जनता की भीड़ उमड़ रही है उस हिसाब से समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर, 18 अगस्त 2025।
तहसील इटवा में आयोजित सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस एक बार फिर जमीन-जायदाद से जुड़े विवादों पर हावी रहा। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कुल 37 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें से सबसे ज्यादा 18 मामले राजस्व विभाग यानी भूमि विवादों से जुड़े पाए गए।
जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में अफसरों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों का समय से मौके पर जाकर निरीक्षण कर निस्तारण कराया जाए, इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कानूनगो और लेखपालों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि संपत्ति रजिस्टर और भूमि विवाद रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनाया जाए और हर शिकायत का मौके पर जाकर सत्यापन कर ही आख्या लगाई जाए।
डॉ. राजा गणपति आर. ने पिछले समाधान दिवस में लंबित मामलों की समीक्षा भी की और तत्काल जिला स्तरीय टीम बनाकर जांच कराने का आदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी भी विभाग का प्रकरण लटकता मिला तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम में आए 37 शिकायती पत्रों में से राजस्व-18, पुलिस-05, विकास-04, कृषि-01 और अन्य-09 मामले दर्ज हुए। जिलाधिकारी ने इनमें से राजस्व से जुड़े 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। शेष मामलों को तीन दिन के भीतर हर हाल में निपटाने का निर्देश दिया गया।
जमीन से जुड़े विवादों के अंबार पर डीएम ने अफसरों को चेताया कि तहसील दिवस की शिकायतें और आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ही जनता का विश्वास कायम रखने का तरीका है, अन्यथा जिम्मेदारों को जवाब देना होगा।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी कुणाल, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा समेत तहसील व जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।