सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शुरू होगा पंचवर्षीय बीए एलएलबी कोर्स: छात्रों को मिलेगी राहत

Nizam Ansari

​कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर: लंबे इंतजार के बाद सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई), नई दिल्ली से पांच वर्षीय एकीकृत बीए एलएलबी पाठ्यक्रम संचालित करने की औपचारिक अनुमति मिल गई है। इस ऐतिहासिक निर्णय से विधि की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक प्राइवेट कॉलेजों की भारी-भरकम फीस और अव्यवस्था से परेशान थे।

​शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह पाठ्यक्रम शुरू होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया और अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

​विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम न केवल इस क्षेत्र के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है, बल्कि यह उन्हें न्यायिक सेवा, अधिवक्ता पेशा, कॉर्पोरेट लॉ, विधिक परामर्श, अध्यापन और शोध जैसे विविध क्षेत्रों में अपना करियर बनाने का मौका देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब छात्रों को प्राइवेट कॉलेजों की मनमानी फीस और शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि विश्वविद्यालय उन्हें गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा प्रदान करेगा।

​कुलसचिव दीनानाथ यादव ने बताया कि बीसीआई से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय ने तुरंत आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सत्र 2025-26 से नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। उनका मानना है कि यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और बढ़ाएगा और छात्रों को विधि शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

​यह निर्णय उन छात्रों के लिए एक वरदान साबित होगा, जो विधि की शिक्षा हासिल करने के लिए शहरों के प्राइवेट कॉलेजों में मोटी फीस चुकाने को मजबूर थे। अब वे अपने ही क्षेत्र में रहकर उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे न केवल उनका पैसा बचेगा, बल्कि उनके समय और ऊर्जा की भी बचत होगी।