📅 Published on: August 29, 2025
गुरु जी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर। सामुदायिक शौचालय के अधूरे निर्माण और झूठी जानकारी देने के आरोप में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) सतीश कुमार सिंह ने बढ़नी ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) अनूप रावत को निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह कार्रवाई एक शिकायत की जांच के बाद की गई, जिसमें पाया गया कि सचिव ने न सिर्फ शौचालय का काम अधूरा छोड़ा, बल्कि उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के लिए झूठी रिपोर्ट भी पेश की।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक टर्की ने 8 नवंबर, 2024 को इटवावन ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय के अधूरे निर्माण की शिकायत की थी। जिलाधिकारी के आदेश पर इस मामले की जांच जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने की। 31 जनवरी, 2025 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में पाया गया कि शौचालय का निर्माण अधूरा है और इस पर खर्च की गई पूरी राशि वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आती है।
झूठी रिपोर्ट का खुलासा
जांच रिपोर्ट के आधार पर, डीडीओ ने सचिव अनूप रावत को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। अपने जवाब में, अनूप रावत ने दावा किया कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, 27 अगस्त, 2025 को जब खंड विकास अधिकारी खुनियांव ने मौके पर जाकर सत्यापन किया, तो पाया गया कि शौचालय आज भी अधूरा है और उसका गड्ढा भी नहीं बना है।
इस खुलासे से यह स्पष्ट हो गया कि सचिव ने जानबूझकर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। यह कृत्य उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया, जिसके बाद डीडीओ ने तत्काल प्रभाव से सचिव को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
निलंबन और आगे की कार्रवाई
निलंबन के आदेश में, डीडीओ ने कहा है कि सचिव अनूप रावत के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस मामले की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी बर्डपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान, अनूप रावत को बढ़नी ब्लॉक कार्यालय से अटैच किया गया है। यह घटना सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है।