राप्ती नदी का बढ़ा जलस्तर, कटान से आधा दर्जन गाँव खतरे में; ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

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डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर: डुमरियागंज तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का तेज बहाव, बनगाई नानकार सहित आधा दर्जन से ज्यादा गाँवों में बड़े पैमाने पर मिट्टी का कटान कर रहा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में तत्काल उचित प्रबंध करने की मांग की है।

कटान से गाँवों पर मंडरा रहा खतरा
क्षेत्र के रविंद्र चौधरी, प्रदीप पांडे, दीप चौधरी, महेंद्र उपाध्याय, बाबूलाल और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, सीरमझारी, कोहलवा, जंगलडीह, सुकरौली और बनगाई नानकार जैसे गाँव सीधे राप्ती नदी बांध से सटे हुए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से इन गाँवों के किनारे स्थित खेतों की मिट्टी लगातार कट रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी जलस्तर बढ़ने से गाँवों के डूबने का खतरा पैदा हो गया था। उस समय प्रशासन के निर्देश पर मनरेगा योजना के तहत नदी पर नौ ठोकर (मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बनाए गए बांध) बनाए गए थे, लेकिन तेज बहाव के कारण इनमें से सात ठोकर बह गए हैं।

सैकड़ों बीघा फसलें हो रही बर्बाद
बढ़ते जलस्तर से न केवल गाँवों पर खतरा मंडरा रहा है, बल्कि ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी अधिक है क्योंकि इससे लगभग दो सौ बीघा से ज्यादा फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती हैं। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण करें और समस्या का समाधान निकालें, ताकि गाँव और फसलें दोनों सुरक्षित रह सकें। आर्काइव फोटो