​मिश्रौलिया थाना क्षेत्र: प्रधानी चुनाव की जंग में सौहार्द बिगाड़ने की साजिश? सत्ता पक्ष द्वारा प्रशासन पर बनाया जा रहा दबाव खुलेआम धमकी

गौरडीह गांव में तनाव: चुनावी लाभ के लिए रची गई सांप्रदायिक हिंसा की पटकथा

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मिश्रौलिया (गौरडीह), सितंबर 21: मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गौरडीह का माहौल खराब करने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक सोची-समझी साजिश रची गई। यह घटना प्रधानी चुनाव की आपसी रंजिश का परिणाम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि जनता द्वारा नकार दिए गए कुछ नेता, जो चुनावी लाभ पाने के लिए बेचैन हैं, उन्होंने सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश की।

मूर्ति खरीद कर आते समय जुलूस के दौरान विवाद की साजिश

​घटना उस समय हुई जब सैकड़ों मूर्तियों को लेकर जा रहे वाहन गौरडीह चौराहे से गुजर रहे थे। यह आश्चर्य की बात है कि अन्य किसी भी जुलूस से कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन गौरडीह के लोगों के साथ ही विवाद खड़ा कर दिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह घटना कोई आकस्मिक नहीं थी, बल्कि पहले से तैयार की गई एक पटकथा का हिस्सा थी।

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय द्वारा लगाई गई ‘आई लव मोहम्मद’ की होर्डिंग के साथ छेड़छाड़ की गई और भीड़ में शामिल कुछ अराजक तत्वों ने भड़काऊ नारे लगाए, जिनमें “तेल लगाओ डाबर, मां… कटुओं की” जैसे आपत्तिजनक नारे भी शामिल थे। इसके बाद गाली-गलौज और हाथा पाई का दौर शुरू हो गया।

एक ईंट से घायल हुआ युवक, बाकी कहानी छिपाई गई

​विवाद के दौरान भीड़ में से एक ईंट फेंकी गई, जिससे एक युवक घायल हो गया। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि ईंट किस पक्ष से फेंकी गई थी। आरोप है कि इस घटना को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और “युवक को मार दिया गया” जैसी अफवाहें फैलाई गईं, जबकि बाकी कहानी को छिपा दिया गया। अफवाह के आधार पर राजनीतिक रोटियां सेकी जाने लगी। किसी को प्रधान तो किसी को विधायक बनने की होड।

प्रशासन की सख्ती से टला बड़ा हादसा

​सूचना मिलते ही, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और मजिस्ट्रेट को मौके पर तैनात किया गया, जिन्होंने रात भर शांति बनाए रखी। प्रशासनिक सख्ती और स्थानीय लोगों की समझदारी से एक बड़ी सांप्रदायिक हिंसा को टाल दिया गया।

घटना को रोकने के बजाय सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा प्रशासन को खुले आम धमकी दी गई और प्रशासन पर दबाव भी बनाया गया।

जनता से अपील: अफवाहों से बचें, आपसी भाईचारा बनाए रखें

​यह घटना समाज के उन ‘दीमकों’ की करतूत को उजागर करती है जो अपने स्वार्थ के लिए समाज को तोड़ने की कोशिश करते हैं। जरूरत है कि ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, जनता से भी अपील है कि वे अपने बीच ऐसे नेताओं और अफवाहों से सावधान रहें जो उन्हें आपस में लड़ाना चाहते हैं। आपसी एकता और भाईचारा ही इन साजिशों का सबसे बड़ा जवाब है।

बहरहाल गौरडीह में हुए सांप्रदायिक तनाव को लेकर थानाध्यक्ष मिश्रौलिया से उनके सरकारी नंबर पर फोन कर मामले में कार्यवाही को लेकर पुलिस प्रशासन का जवाब नहीं मिल पाया घंटी जाने के बाद भी फोन नहीं उठा।