📅 Published on: October 1, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। ज़िले के इटवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अंतर्गत आने वाले ग्राम दिवली में एक गर्भवती महिला के पति ने गांव की सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने DM राजा गणपति आर को लिखित शिकायत सौंपकर बताया है कि ANM ने घर पर टीकाकरण करने के बदले उनसे एक हजार रुपये की मांग की और कथित तौर पर धार्मिक भेदभाव वाली टिप्पणी भी की।
क्या है पूरा मामला?
गांव के निवासी जमाल अहमद ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके गांव में टीकाकरण का कैंप लगा था। उनकी पत्नी गर्भवती हैं और उन्हें चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। जिस दिन कैंप लगा था, जमाल अहमद खाद लेने गए थे, जिस कारण उन्हें वापस आने में देर हो गई।
जमाल अहमद ने बताया कि उन्होंने फोन पर ANM से अपनी पत्नी की परेशानी का हवाला देते हुए घर पर आकर टीका लगाने का अनुरोध किया। इस पर, ANM ने कथित तौर पर कहा कि वह “मुस्लिमों के घर नहीं जाती हैं” और अगर उन्हें घर बुलाना है, तो एक हजार रुपये लगेंगे।
पीड़ित ने यह भी दावा किया कि ANM ने गांव में अन्य कई लोगों के घर जाकर टीका लगाया है, जिससे उनका आरोप और भी गंभीर हो जाता है।
जिलाधिकारी से न्याय की गुहार
स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवा में इस तरह की घूसखोरी और कथित भेदभाव से आहत होकर, जमाल अहमद ने न्याय के लिए सीधे जिलाधिकारी राजा गणपति आर का दरवाजा खटखटाया है और लिखित शिकायत दी है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या एक्शन लेते हैं।
बताते चलें कि यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा से जुड़े सवालों को उठाता है, जिसकी उच्च-स्तरीय जांच आवश्यक है।