​आपदा मित्र ने बचाई डूबते हुए शख्स की जान: 25 फीट ऊंचे पुल से राप्ती नदी में लगाई छलांग, कर्ज से परेशान था व्यक्ति

Niyamtullah khan

डुमरियागंज, उत्तर प्रदेश।

​कर्ज के बोझ से परेशान एक व्यक्ति को बचाने के लिए आपदा मित्र सुनील कुमार यादव ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए राप्ती नदी में 20 से 25 फीट ऊंचे पुल से छलांग लगा दी। यह साहसी कार्य डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बनगाईनानकार गांव के पास राप्ती नदी के गौराघाट पर हुआ।

​बनगाईनानकार निवासी सुनील कुमार यादव अपने खेत में पशुओं के लिए चारा काट रहे थे, तभी नदी के किनारे से उन्हें कुछ लोगों की “बचाओ-बचाओ” की आवाज़ सुनाई दी। तुरंत ही, गांव के दीप चौधरी और संजय चौधरी ने उन्हें फोन पर एक व्यक्ति के नदी में डूबने की सूचना दी।

लाइफ जैकेट लेकर पहुंचे हीरो

​सूचना मिलते ही, सुनील कुमार यादव तुरंत अपनी बाइक से घर गए और लाइफ जैकेट लेकर गौराघाट की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि डूबने वाला शख्स पानी के तेज बहाव में बह रहा था और बड़ी संख्या में लोग पुल पर खड़े होकर सिर्फ तमाशा देख रहे थे।

​बिना समय गंवाए, आपदा मित्र सुनील कुमार यादव ने अपनी कमर में रस्सी बांधी और 20 से 25 फीट ऊंचे पुल से सीधे राप्ती नदी में छलांग लगा दी। दो-तीन प्रयासों के बाद, उन्होंने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और खींचते हुए नदी के किनारे लाए।

कर्ज बना जान देने का कारण

​किनारे पर लाकर, सुनील ने तुरंत उस व्यक्ति को उल्टा लिटाया, जिससे उसके पेट से पानी बाहर निकल सका। डूबने वाला व्यक्ति बहादुरपुर गांव का विनोद मोर्या (पुत्र राधेश्याम मोर्या) था। वह लगभग 4 किलोमीटर दूर से पानी में बहते हुए आया था, जिस कारण उसके पेट में काफी पानी भर गया था।

​विनोद मोर्या के घरवाले भी तब तक मौके पर पहुंच चुके थे और उन्हें उठाकर अपने गांव ले गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, विनोद मोर्या कर्ज में डूबे होने के कारण आत्महत्या का प्रयास कर रहा था।

बिना मानदेय जोखिम में डालते हैं जान

​इस साहसिक घटना ने एक बार फिर आपदा मित्रों के निस्वार्थ सेवा भाव को उजागर किया है। सुनील कुमार यादव ने अपना कर्तव्य निभाते हुए एक अनमोल जिंदगी को सकुशल बचा लिया, जबकि वे और उनके जैसे अन्य आपदा मित्रों को सरकार की ओर से एक भी रुपया मानदेय नहीं दिया जाता है। इस घटना ने समाज में निस्वार्थ सेवा और बहादुरी की एक मिसाल कायम की है।