📅 Published on: October 4, 2025
Kapilvastupost
शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर।
स्थानीय शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयन्ती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रेरणादायी आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की स्वामी विवेकानन्द और रानी लक्ष्मीबाई इकाई के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
स्वच्छता अभियान से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का श्रीगणेश महाविद्यालय परिसर में स्वयंसेवकों द्वारा स्वच्छता अभियान से हुआ। छात्रों ने उत्साहपूर्वक परिसर की सफाई कर गांधी जी के ‘स्वच्छ भारत’ के स्वप्न को साकार करने का संदेश दिया।
प्रातः 10 बजे, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० अरविन्द कुमार सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन सत्य, अहिंसा और आत्मबलिदान की मिसाल है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गांधी जी को केवल स्मरण नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना आवश्यक है। उनके अनुसार, “स्वच्छता, सादगी और सेवा की भावना को अपने आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।” उन्होंने युवा पीढ़ी से गांधी जी के विचारों को आधुनिक सन्दर्भों में समझकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में हुआ वैचारिक मंथन
ध्वजारोहण के पश्चात महाविद्यालय के लोअर हॉल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत माँ सरस्वती, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पण से हुई।
मुख्य वक्ता प्रो० अरविन्द कुमार सिंह ने गांधी जी के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका दर्शन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का मार्ग है। उन्होंने कहा, “हमें उनके सिद्धान्तों को केवल पढ़ना नहीं, जीना चाहिए।”
इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षकगण, एनएसएस स्वयंसेवक एवं एनसीसी कैडेट्स ने भी गांधी जी एवं शास्त्री जी के विचारों पर चर्चा की। सभी वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम ने न केवल दोनों महान नेताओं के विचारों को पुनः जीवन्त किया, बल्कि छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वच्छता और सेवा भावना को भी प्रबल किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ० ए०के० सिंह, डॉ० राम किशोर सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ० धर्मेन्द्र सिंह, मेजर मुकेश कुमार, प्रो० सुशील कुमार, डॉ० अखिलेश कुमार, डॉ० प्रवीण कुमार, डॉ० अजय सिंह, राजू प्रजापति, इन्द्रदेव वर्मा, जयराम, पंकज सिंह, अश्वनी सिंह तथा छात्र-छात्राएँ समीक्षा सिंह, खुशी, नीलू आदि की सक्रिय सहभागिता रही।