📅 Published on: October 5, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थ नगर / सीतापुर। दवा व्यवसाय से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों, खास तौर पर जीएसटी 2.0 के प्रावधानों और उद्योग की चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श के लिए आज सीतापुर में दवा विक्रेता समिति की एक बड़ी कार्यसमिति बैठक और कार्यशाला आयोजित हुई।
इस आयोजन में पूरे उत्तर प्रदेश के लगभग 72 जनपदों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मेजबान इकाई जनपद होने के नाते, सीतापुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की टीम ने आयोजन में अग्रणी भूमिका निभाई। सीतापुर टीम का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष गोपाल टंडन , महामंत्री बसंत गोयल और कोषाध्यक्ष वीरेंद्र रस्तोगी ने किया। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और बैठक की सफलता के लिए अपनी तैयारी पूरी रखी।
सिद्धार्थनगर टीम ने भी रखी प्रमुखता से अपनी बात
इस महत्वपूर्ण बैठक में दवा विक्रेता समिति सिद्धार्थनगर की टीम ने भी सक्रिय भागीदारी की। सिद्धार्थनगर के प्रतिनिधियों ने अपने ज़िले में दवा व्यवसाय को प्रभावित करने वाली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
सिद्धार्थनगर के प्रमुख प्रतिनिधि:
मोहम्मद जमील सिद्दीकी – जिला अध्यक्ष, लक्ष्मी नारायण कसौधन ,जिला कोषाध्यक्ष, मनोज कुमार जायसवाल, जिला महामंत्री
चन्द्रशेखर पाण्डेय, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपस्थिति दर्ज करी।
जिलाध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी ने कहा कि जीएसटी 2.0 से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और छोटे दवा व्यापारियों को राहत दिलाने के लिए यह कार्यशाला अत्यंत आवश्यक थी। उन्होंने जोर दिया कि संगठन की एकजुटता ही दवा व्यवसाय से जुड़े लोगों को शोषण और समस्याओं से मुक्ति दिला सकती है।
बैठक का मुख्य एजेंडा जीएसटी 2.0 के नए प्रावधानों को समझना, संभावित कठिनाइयों का समाधान खोजना और दवाओं की ऑनलाइन बिक्री से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना था। सभी ज़िलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर फार्मेसी काउंसिल उत्तर प्रदेश में दवा व्यापारियों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
सीतापुर के महामंत्री बसंत गोयल ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित करने की जिम्मेदारी सीतापुर को मिली है। इस सफल आयोजन से यह साफ हो गया है कि दवा विक्रेता समुदाय अपने हितों और व्यवसाय की सुगमता के लिए संगठित और प्रयासरत है।