स्कूल के बच्चों पर मंडरा रहा मौत का साया: संत थॉमस हाई स्कूल के सामने बारूद की दुकानें, प्रशासन बेखबर

Nizam Ansari 

​सिद्धार्थनगर: डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बे में स्थित संत थॉमस हाई स्कूल के ठीक सामने सरेआम कई पटाखों की दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। ये दुकानें बच्चों की शिक्षा स्थली के बिल्कुल मुहाने पर गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री रूपी मौत बेच रही हैं।

​हजारों बच्चों की जान जोखिम में

​इस स्कूल में प्रतिदिन हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल की छुट्टी के समय, पटाखों की दुकानें और बच्चों की भीड़ एक हो जाती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि विस्फोटक सामग्री की दुकानें बच्चों के जीवन के बीचों-बीच स्थित हैं।

​दुकानदारों का कहना है कि उनके पास लाइसेंस है और वे कहीं भी दुकान लगा सकते हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि इन दुकानदारों के पास न तो सही लाइसेंस है, और अगर है भी, तो क्या वे बेपरवाह होकर बच्चों की ज़िंदगी को जोखिम में डालते रहेंगे?

​किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा हादसा

​ये विस्फोटक सामग्री की दुकानें किसी भी वक्त विस्फोट का कारण बन सकती हैं। माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरने लगे हैं। उनका कहना है कि अगर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसका ज़िम्मेदार कौन होगा?

​जनता में भारी आक्रोश है कि शासन और प्रशासन इस गंभीर खतरे को अनदेखा कर हाथ पर हाथ धरे बैठा है। लोगों का मानना है कि अगर यह लापरवाही जारी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब एक बड़ा विस्फोट हो जाए और स्कूल के बच्चे असमय काल के गाल में समा जाएं

​यह स्थिति तुरंत प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करती है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके।