शोहरतगढ़: मुआवज़ा न मिलने पर इंडो-नेपाल सड़क निर्माण का किसानों ने किया विरोध; विधायक विनय वर्मा के निर्देश पर काम रुका

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​शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।
​शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के धनौरा मुस्तकहम गाँव में इंडो-नेपाल सड़क बनाने पहुँचे लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और कर्मचारियों का गुरुवार को किसानों ने ज़ोरदार विरोध किया। किसानों ने आरोप लगाया कि बिना मुआवजा दिए और बिना ज़मीन का बैनामा करवाए उनकी ज़मीन पर जबरन सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

किसानों की शिकायत पर, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उप-जिलाधिकारी (SDM) को काम रुकवाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है।

किसानों का विरोध
​धनौरा मुस्तकहम गाँव में PWD के निर्माण खंड दो के अधिकारी जेसीबी मशीन के साथ सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने पहुँचे थे। गाँव के इरशाद, रियाज अहमद, छेदी शर्मा, मैमूदा खातून, मो. नौसाद, वली मोहम्मद, अबू, रामकेस चौहान, हरीराम, अकाल बूद, इबारत अली समेत लगभग दो दर्जन से अधिक किसानों ने काम का विरोध शुरू कर दिया।

किसानों ने अधिकारियों पर “बिना बैनामा करवाए खेत पर जबरन सड़क बनाने” का आरोप लगाया। विरोध को नज़रंदाज़ कर जब काम जारी रखा गया, तो अधिकारियों ने पुलिस बल भी बुला लिया।

विधायक का हस्तक्षेप और कार्रवाई इसके बाद, भोला शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने विधायक विनय वर्मा को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया और काम रुकवाने की मांग की।

विधायक वर्मा ने तुरंत शोहरतगढ़ SDM विवेकानंद मिश्र को फोन किया और मामले की जानकारी ली।

विधायक ने PWD अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने से संबंधित किसी सक्षम न्यायालय के निर्देश की प्रति (कॉपी) दिखाने को कहा। PWD के अधिकारियों ने SDM के माध्यम से जो दस्तावेज़ विधायक को दिया, वह केवल विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को संबोधित एक पत्र था, जो PWD के अधिशासी अभियंता द्वारा दिया गया था।

इसमें 25 किसानों के नाम और उनके गाटा संख्या अंकित थे और उन पर कार्य में अवरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया था।

दस्तावेज़ देखने के बाद, विधायक ने असंतोष व्यक्त किया और SDM को तत्काल काम रुकवाने और जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

विधायक विनय वर्मा का बयान
​विधायक विनय वर्मा ने कहा कि किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा: ​बिना बैनामा करवाए व बिना मुआवजा दिए किसानों की जमीन पर अवैध रूप से सड़क बनाने का काम शुरू करना गलत है।

पीडब्ल्यूडी इंडो-नेपाल बॉर्डर के अधिकारी डीएम, एडीएम या एसडीएम का कोई पत्र नहीं दिखा पा रहे हैं। केवल अपने अधिशासी अभियंता के पत्र को ही दिखा रहे हैं। अगर किसानों की जमीन का बैनामा हुआ होता तो एसडीएम को पता होता। इसलिए एसडीएम से कहकर काम रुकवा दिया गया है। जांच के लिए कहा गया है।”

SDM के निर्देश के बाद, फिलहाल धनौरा मुस्तकहम में इंडो-नेपाल सड़क निर्माण का कार्य रोक दिया गया है, और मामले की जांच जारी है।