गणना प्रपत्र की समस्याओं को लेकर aimim ने डी एम को सौंपा ज्ञापन, समय-सीमा बढ़ाने और संशोधन की मांग

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सिद्धार्थनगर: {AIMIM} (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) सिद्धार्थनगर इकाई ने वर्तमान में चल रही SIR (सार्वजनिक सूचना रजिस्ट्री) गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया में आम जनता को आ रही गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों के संबंध में आज जिलाधिकारी महोदय को एक ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष निशात अली की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने चार-सूत्रीय मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया, जिसमें गणना की समय-सीमा बढ़ाने और त्रुटि संशोधन की प्रक्रिया उपलब्ध कराने पर मुख्य जोर दिया गया।

​प्रपत्र भरने में आ रहीं मुख्य कठिनाइयाँ

​ज्ञापन के माध्यम से {AIMIM} ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामने आ रही प्रमुख समस्याओं को रेखांकित किया:

  • अल्प अवधि: प्रपत्र भरने के लिए दिया गया केवल एक माह का समय अत्यंत कम है, जिससे व्यापक जनसंख्या समय पर अपना विवरण प्रस्तुत नहीं कर पा रही है।

  • प्रवासी नागरिक: कई परिवारों के सदस्य दीर्घकालिक उपचार हेतु बाहरी जनपदों/राज्यों में हैं, जिसके कारण उनकी उपस्थिति और आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

  • दस्तावेजों का अभाव: आवश्यक साक्ष्यों/दस्तावेजों का संकलन कम समय में करना मुश्किल हो रहा है, जिससे प्रपत्रों में गलतियाँ होने की आशंका बढ़ रही है।

  • अल्पशिक्षितों की निर्भरता: ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश नागरिक अल्पशिक्षित या अशिक्षित हैं, जो स्वयं फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इसके कारण वे एक विशेष व्यक्ति पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे एक ही स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्र हो रही है और प्रक्रिया बाधित हो रही है।

  • दोहरी एंट्री और संशोधन का अभाव: कई महिलाओं के प्रपत्र ससुराल और मायके दोनों स्थानों पर अनजाने में भर दिए गए हैं, लेकिन इन त्रुटिपूर्ण प्रपत्रों को रद्द/संशोधित करने के लिए कोई औपचारिक व्यवस्था या स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं है। {BLO} स्तर पर भी कोई प्रभावी समाधान नहीं मिल रहा है।

  • नेपाल सीमा से संबंधित विशेष समस्या: सिद्धार्थनगर जिला नेपाल सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण भारत में विवाहित नेपाल में जन्मी महिलाओं के लिए {SIR} गणना में {2003} की मतदाता सूची में माता-पिता/अभिभावक का विवरण उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा है। {BLO} और टोल-फ्री नंबर {1950} से भी इस संबंध में कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिल पा रहा है।

​AIMIM की चार-सूत्रीय प्रमुख मांगें

​जनहित में इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, AIMIM ने जिलाधिकारी महोदय से निम्नलिखित तत्काल कदम उठाने की मांग की है:

  1. अवधि विस्तार: {SIR} गणना प्रपत्र भरने की समय-सीमा को नागरिकों को सही और त्रुटिरहित डेटा प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए।

  2. संशोधन प्रक्रिया: त्रुटिपूर्ण या दो बार भरे गए प्रपत्रों को कैंसिल/संशोधित करने हेतु एक पृथक प्रक्रिया और ऑनलाइन विकल्प तुरंत उपलब्ध कराया जाए।

  3. तकनीकी सहायता: सभी ग्राम व वार्ड स्तर पर अद्यतन सूची, दिशा-निर्देश और तकनीकी सहायता {BLO} तथा स्थानीय निकायों को उपलब्ध कराई जाए।

  4. अतिरिक्त व्यवस्था: भीड़ को नियंत्रित करने और प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु अतिरिक्त काउंटर, कर्मियों और तकनीकी सहयोग की व्यवस्था की जाए।

​ज्ञापन सौंपने के दौरान आजाद अहमद, नईम अख्तर अंसारी, शादाब खान, शम्स तबरेज खान, मकसूद अहमद, मोहम्मद रफीक, शाहिद अंसारी, आसिफ इक़बाल, मेराज चौधरी, अब्दुल सलाम, साहब-ए-आलम, नियाज अहमद, अब्दुल अव्वल, इरफ़ान हुसैन, डॉ ओबैदुल्लाह हाश्मि, और ग़ालिब हुसैन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

​ रिपोर्टर से बातचीत के दौरान {AIMIM} ने उम्मीद जताई है कि जिलाधिकारी जनमानस की इन समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेंगे और आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाएंगे ताकि यह महत्वपूर्ण गणना प्रक्रिया सुचारु और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके।