📅 Published on: December 9, 2025
कतिपय निगेहबान और तस्करों की गलबहियां गंठजोड़ से भारतीय कम्बल और जैकेट पहुँच रहा नेपाल
गुरु जी की कलम से
बढनी सिद्धार्थनगर।
भारत नेपाल के बढ़नी सीमा पर तस्करी रुकने का नाम नही ले रही है जिम्मेदारों के सुस्त रवैए और कतिपय वर्दीधारियों और तस्करों की गलबहियां गंठजोड़ से तस्कर नगर के गलियों से होकर भारतीय कम्बल और जैकेट नेपाल पहुँचाकर रोज लाखों कमाकर मालामाल हो रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत बढ़नी क्षेत्र के चौकी से चन्द कदमों की दूरी पर स्थित आटा चक्की मिल के बगल गली से , चमनगंज, आजाद नगर, कल्लन डिहवा, घरुआर, मड़नी, मलगहिया, सेमरहवा, आदि के रास्ते तस्कर दिल्ली, लुधियाना, पानीपत आदि जगहों से भारतीय कम्बल और जैकेट ट्रांसपोर्ट के जरिए मंगाकर उसे उक्त मार्गो से नेपाल के सीमावर्ती कस्बा कृष्णानगर में पहुँचाकर जहाँ तस्कर रोज लाखों कमाकर मालामाल हो रहे वही निगेहबान खुशहाल हो रहे हैं।
बताते हैं कि कतिपय वर्दीधारियों के गुणा-भाग और मैनेजमेंट की बदौलत तस्करी का ये गोरखधंधा अपने चरम पर है, जिसमें सभी खुशहाल और तस्कर मालामाल बताते जा रहे हैं। बताते हैं कि दिन में सिर्फ एक गली से तस्करी के धंधे में लिप्त कैरियर सैकड़ों गट्ठर पलक झपकते ही सीमापार कृष्णानगर पहुँचा देते हैं और रात में तस्करों की चाँदी ही चाँदी बतायी जाती है।
बुद्धिजीवियों का कहना है दिन के सापेक्ष शाम और रात में तस्करी का धंधा और जोर पकड़ लेता है जिसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। कहा जाता है कि हर जगह लाइन व्यवस्था सुदृढ़ होने पर सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों से नजरें बचाकर तस्कर अपने मंसूबों को अंजाम देते है।