📅 Published on: December 18, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2015 के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (स्पेशल पॉक्सो एक्ट) वीरेंद्र कुमार की अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म के दोषियों को कारावास के साथ-साथ भारी जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
मुख्य दोषी को 7 साल की कैद और भारी जुर्माना
अदालत ने मुख्य आरोपी फणीन्द्र मणि ओझा उर्फ डब्लू ओझा (निवासी भैसठ, थाना गोल्हौरा) को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे:
7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
* 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
सह-आरोपी को भी मिली सजा
इसी मामले में अपहरण के दूसरे आरोपी अजय कुमार गिरि उर्फ रिंकू गिरि (निवासी मिठवल, थाना बांसी) को भी अदालत ने दोषी करार दिया। उसे:
* 4 साल के कारावास की सजा सुनाई गई।
* 25,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2015 का है, जब बांसी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 363 (अपहरण), 366 (शादी के लिए विवश करने हेतु अपहरण), 376 (दुष्कर्म), 120बी (साजिश), 212 और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर, विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने दोनों को कसूरवार मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त समय जेल में बिताना होगा।