📅 Published on: December 20, 2025
गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थनगर (बढ़नी): उत्तर प्रदेश के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के धनौरा बुजुर्ग गांव में व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ किसान यूरिया खाद के लिए दर-दर भटक रहा है, वहीं दूसरी ओर खाद मांगने पर उसे अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शिकायत दर्ज कराए 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है।
क्या है पूरा मामला?
धनौरा बुजुर्ग निवासी किसान जमुना (पुत्र कल्लू) पिछले कई दिनों से खाद के लिए साधन सहकारी समिति ‘बी पैक्स’ बैरिहवा के चक्कर लगा रहा था। गुरुवार को जब वह खाद लेने पहुँचा, तो वहां के सचिव ने न केवल उसे खाद देने से मना कर दिया, बल्कि उसका कार्ड भी रख लिया।
जब किसान ने अपना कार्ड वापस मांगा, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि:
सचिव के बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों ने किसान को भद्दी गालियां दीं।
किसान को लात-घूंसों, थप्पड़ों और डंडों से बेरहमी से पीटा गया।
इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने आए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अलीमुल्लाह के साथ भी अभद्र व्यवहार और मारपीट की कोशिश की गई।
* पीड़ित किसान को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
प्रशासनिक सुस्ती पर उठते सवाल
पीड़ित किसान जमुना ने घटना के तुरंत बाद स्थानीय ढेबरुआ थाने में लिखित तहरीर देकर सचिव और उनके परिजनों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की थी। हालांकि, एक पूरा दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस केवल “जांच” की बात कर रही है।
सवालों के घेरे में सचिव
घटना के बाद से ही आरोपी सचिव का मोबाइल फोन बंद आ रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीणों और किसान यूनियनों में इस ढीली कार्यवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि अन्नदाता सुरक्षित नहीं है और पुलिस कार्यवाही में देरी कर रही है, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।