सिद्धार्थनगर: सांसद खेल महोत्सव 2025 का भव्य आगाज, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

चयन प्रक्रिया: ब्लॉक और तहसील स्तर के विजेता खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा।

निजाम अंसारी 
सिद्धार्थनगर: सांसद खेल महोत्सव 2025 का भव्य आगाज, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
सिद्धार्थनगर, 22 दिसम्बर 2025। जनपद के जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में सोमवार को ‘सांसद खेल महोत्सव 2025’ का शानदार शुभारंभ हुआ। चार दिवसीय इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन मुख्य अतिथि बस्ती मंडल के आयुक्त अखिलेश सिंह, विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और सांसद जगदम्बिका पाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मार्च पास्ट के साथ हुआ स्वागत
कार्यक्रम का आरंभ एनसीसी कैडेट्स और स्काउट गाइड के बच्चों द्वारा बैंड-बाजे के साथ अतिथियों के स्वागत से हुआ। इसके पश्चात मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह की विधिवत शुरुआत की गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और ‘शिव तांडव स्तुति’ से समां बांध दिया, वहीं केंद्रीय विद्यालय के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

योग और मशाल: पूर्व माध्यमिक विद्यालय बर्डपुर के छात्रों ने योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। राज्य स्तरीय खो-खो खिलाड़ी द्वारा स्टेडियम में मशाल लेकर परिक्रमा की गई, जिसके बाद मुख्य अतिथि ने ध्वजारोहण कर और गुब्बारे उड़ाकर खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की।

खिलाड़ियों के लिए बनेगा 10 लाख का ‘खेल कोष’
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद जगदम्बिका पाल ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से 10 लाख रुपये का एक फंड बनाया जा रहा है, जिसका उपयोग जनपद और मंडल स्तर पर विभिन्न खेलों और खिलाड़ियों के सहयोग के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप यह आयोजन हर संसदीय क्षेत्र में किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी बड़ा मंच मिल सके।

2027 तक विकसित भारत के लक्ष्य में खेलों की भूमिका
मुख्य अतिथि आयुक्त अखिलेश सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा:
आज खेल के संसाधनों की कमी नहीं है। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि 2027 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, और इसमें ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों की बड़ी भूमिका होगी।
उन्होंने खिलाड़ियों को सफलता के लिए धैर्य, अनुशासन और व्यसनों से दूर रहने का मंत्र भी दिया।
स्वास्थ्य और अनुशासन का संगम
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 2 घंटे खेल को समर्पित करने चाहिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द माधव ने भी अपने विचार साझा कर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
प्रतियोगिताओं का हुआ आगाज
उद्घाटन सत्र के बाद अतिथियों ने बालिका वर्ग की खो-खो और ताइक्वांडो खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिताओं की शुरुआत कराई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, बीएसए शैलेष कुमार, जिला युवा कल्याण अधिकारी विनय कुमार राव, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, डॉ. अरुण प्रजापति सहित भारी संख्या में कोच, शिक्षक और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।