शिक्षक आत्महत्या मामला: जांच में दोषी मिलीं देवरिया BSA, डीएम ने शासन को भेजी निलंबन की संस्तुति

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देवरिया के गौरीबाजार स्थित मदरसन विद्यालय के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा गठित जांच समिति ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने उनके निलंबन के लिए शासन को कड़ी संस्तुति भेज दी है।

क्या है पूरा मामला?
गौरीबाजार के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने बीते 20 फरवरी की रात गोरखपुर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो और नोट जारी किया था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। शिक्षक का आरोप था कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके विभागीय कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा था।

जांच में खुली लापरवाही की पोल
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बताया कि जांच में पाया गया कि माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद बीएसए द्वारा एक वर्ष तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस घोर लापरवाही और शिक्षक के उत्पीड़न को आधार मानते हुए जिला स्तरीय टीम ने रिपोर्ट सौंपी।
जांच टीम के मुख्य बिंदु:
* दोषी: बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और संबंधित लिपिक।
* कारण: कोर्ट के आदेश की अवहेलना और प्रशासनिक शिथिलता।
* कार्रवाई: तत्काल प्रभाव से निलंबन की सिफारिश।

देर रात तक चली मैराथन जांच
सोमवार को देवरिया में गहमागहमी का माहौल रहा। सीडीओ राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व वाली जिला स्तरीय टीम के साथ-साथ महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा गठित राज्य स्तरीय टीम भी बीएसए कार्यालय पहुंची। अधिकारियों ने बीएसए से घंटों पूछताछ की और फाइलों को खंगाला। जांच के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा और एडीआईओएस नीलेश पांडेय भी मौजूद रहे।

फोटो डी एम दिव्या मित्तल