📅 Published on: March 1, 2026
kapilvastupost
बढ़नी/सिद्धार्थनगर।
मानवता और सामाजिक एकजुटता की एक बेमिसाल तस्वीर बढ़नी क्षेत्र में देखने को मिल रही है। संकट की घड़ी में फंसे स्थानीय व्यापारी पशुपति नाथ जायसवाल के परिवार को बचाने के लिए वैश्य समाज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में उसका बाजार नगर पंचायत के चेयरमैन हेमंत जायसवाल ने ₹20,000 की आर्थिक सहायता भेजकर पीड़ित परिवार को न सिर्फ संबल प्रदान किया, बल्कि समाज के अन्य संपन्न लोगों के लिए एक मिसाल भी पेश की है।
संकट में आशियाना, समाज बना सहारा
पशुपति नाथ जायसवाल का परिवार पिछले कुछ समय से दोहरे संकट से जूझ रहा है। कोरोना काल की मार, व्यापार में भारी घाटा और फिर बीमारी के चलते उन पर बैंक का बड़ा कर्ज चढ़ गया। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि उनका घर आज नीलामी की दहलीज पर खड़ा है। ऐसे कठिन समय में वैश्य समाज ‘संकटमोचक’ बनकर उभरा है। अब तक विभिन्न सहयोगियों के माध्यम से कुल ₹2,00,000 की सहायता राशि जुटाई जा चुकी है।
चेयरमैन हेमंत जायसवाल का संदेश: “समाज की ताकत ही सबसे बड़ी”
मदद का हाथ बढ़ाते हुए हेमंत जायसवाल ने कहा कि यह केवल एक आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है कि समाज का कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं है। हेमंत ने कहा कि जब समाज जागता है, तो किसी भी पीड़ित परिवार को बिखरने नहीं देता। हम सबको एकजुट होकर पशुपति जी के घर को बचाना होगा।
बढ़नी वैश्य समाज से भावुक अपील
समाज के प्रबुद्ध जनों ने अपील की है कि जहाँ हम उत्सवों और आयोजनों पर लाखों खर्च करते हैं, वहीं आज अपने ही एक भाई के घर को टूटने से बचाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। यदि बढ़नी का वैश्य समाज और स्थानीय नागरिक इसी तरह एकजुट रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब पशुपति जायसवाल का परिवार फिर से अपने घर की छत के नीचे सुरक्षित जीवन जी सकेगा।
नगर पंचायत बढ़नी के पूर्व सभासद राजकुमार अग्रहरि ने नागरिकों से अपील करते हुवे कहा यह दान नहीं, आपका कर्तव्य है। अपनी क्षमता के अनुसार तुरंत सहयोग करें। एक घर बचेगा, तो वैश्य समाज का सम्मान बचेगा।