📅 Published on: March 11, 2026
इटवा क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत, ₹2000 तक में बिक रहा सिलेंडर; ब्लैक मार्केटिंग के आरोपों से गरमाया माहौल।
नियमतुल्लाह खान
सिद्धार्थनगर/इटवा:
जनपद के इटवा और आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस (LPG) को लेकर मचे घमासान ने अब उग्र रूप ले लिया है। एक तरफ प्रशासन जिले में गैस की पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं। आलम यह है कि घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है।
होम डिलीवरी बंद, ब्लैक मार्केटिंग का बोलबाला
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गैस एजेंसियों ने जानबूझकर होम डिलीवरी बंद कर दी है ताकि सिलेंडर की कालाबाजारी आसानी से की जा सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, इटवा, रगड़गंज, महादेव, घुरहू, बलुआ, बिस्कोहर और दुईपेडवा जैसे क्षेत्रों में बिचौलिए और कुछ रसूखदार लोग गोदामों में सिलेंडर छिपाकर रख रहे हैं। मजबूरी का फायदा उठाकर जरूरतमंदों को एक सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये की मनमानी कीमत पर बेचा जा रहा है।
जनता की मांग: शुरू हो होम डिलीवरी, हो सख्त कार्रवाई
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि “अगर प्रशासन का दावा सही है और गैस की कोई कमी नहीं है, तो एजेंसियां घर-घर सिलेंडर क्यों नहीं पहुंचा रही हैं?” ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही होम डिलीवरी व्यवस्था बहाल नहीं की गई और कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, जनता ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।